
देश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रावधानों के तहत 1 वर्षीय B.Ed कोर्स को फिर से हरी झंडी दे दी है। लगभग एक दशक के लंबे अंतराल के बाद इस कोर्स की वापसी हो रही है, जिससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के समय और संसाधनों की बचत होगी।
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किन छात्रों को मिलेगा इसका लाभ?
नियमों के अनुसार, 1 साल वाला B.Ed कोर्स सभी छात्रों के लिए नहीं होगा। इसके लिए विशेष पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं:
- पोस्ट-ग्रेजुएट (PG) छात्र: जिन अभ्यर्थियों ने अपनी मास्टर डिग्री (MA, MSc, MCom आदि) पूरी कर ली है, वे अब मात्र एक वर्ष में B.Ed कर सकेंगे।
- 4 वर्षीय स्नातक छात्र: नई शिक्षा नीति के तहत 4 साल का ऑनर्स/रिसर्च ग्रेजुएशन प्रोग्राम पूरा करने वाले छात्र भी इस एक वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए पात्र होंगे।
2014 में बदल गए थे नियम
बता दें कि साल 2014 से पहले देश में B.Ed कोर्स एक साल का ही होता था, हालांकि, शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के नाम पर 2014 में इसे बढ़ाकर 2 साल कर दिया गया था, अब 10 साल बाद सरकार ने फिर से इस लघु अवधि के पाठ्यक्रम को शुरू करने का फैसला लिया है ताकि उच्च योग्यता वाले छात्र जल्द शिक्षण पेशे से जुड़ सकें।
पुराने कोर्स भी रहेंगे जारी
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि 1 वर्षीय कोर्स के आने से पुराने फॉर्मेट पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जो छात्र 3 साल की सामान्य स्नातक डिग्री कर रहे हैं, उनके लिए 2 वर्षीय B.Ed कोर्स पहले की तरह ही चलता रहेगा, वहीं, इंटरमीडिएट (12वीं) के बाद शिक्षक बनने की इच्छा रखने वालों के लिए 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड ITEP (BA-B.Ed / BSc-B.Ed) प्रोग्राम भी उपलब्ध है।
कब से शुरू होंगे दाखिले?
ताजा अपडेट के अनुसार, इस 1 वर्षीय B.Ed कोर्स का नया करिकुलम (पाठ्यक्रम) तैयार करने की जिम्मेदारी उच्च स्तरीय समिति को सौंपी गई है, उम्मीद जताई जा रही है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों में इसके लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
शिक्षण क्षेत्र में करियर बनाने की योजना बना रहे छात्र नवीनतम अपडेट के लिए NCTE की आधिकारिक वेबसाइट को नियमित रुप से चेक कर सकते हैं।
















