दिल्ली से देहरादून का रास्ता अब कुछ ही घंटों में तय हो जाएगा, लेकिन खुशी के साथ एक नया खर्चा जुड़ने वाला है। नया एक्सप्रेसवे खुलते ही टोल गेट्स पर पैसे चुकाने पड़ेंगे, जो कार चालकों के जेब पर असर डाल सकता है। क्या यह तेज सफर की कीमत है या कुछ राहत मिलेगी? आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स।

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एक्सप्रेसवे का नया दौर
यह 210 किलोमीटर लंबा रोड प्रोजेक्ट दिल्ली के अक्षरधाम से निकलकर बागपत, शामली और सहारनपुर गुजरते हुए देहरादून पहुंचाता है। पहले जहां 6-7 घंटे लगते थे, अब सिर्फ ढाई घंटे में मंजिल। कुछ हिस्से ट्रायल में खुले हैं, बाकी जल्द पूरा होने वाला है। पर्यावरण का भी ख्याल रखा गया है, वन्यजीवों के लिए खास कॉरिडोर बने हैं।
टोल टैक्स का अनुमान
कार से पूरे सफर का टोल करीब 670 रुपये तक बैठ सकता है। दूरी के हिसाब से अलग-अलग खंडों पर वसूली होगी। पुराने हाईवे पर पहले से ही 500 रुपये के आसपास लगता था, लेकिन यहां स्पीड ज्यादा होने से सुविधा भी दोगुनी। फास्टैग जरूरी रहेगा, कैश वाला पुराना तरीका अब मुश्किल।
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शुरुआती हिस्सा फ्री
अच्छी खबर यह है कि अक्षरधाम से लोनी बॉर्डर तक 18 किलोमीटर बिल्कुल टोल-फ्री रहेगा। दिल्ली वालों को शुरुआत में राहत मिलेगी। उसके बाद बागपत और अन्य जगहों पर प्लाजा लगेंगे। लोकल कम्यूटर्स के लिए खास पास की योजना भी चल रही है, सालाना 3000 रुपये में कई ट्रिप्स।
दूसरे वाहनों पर असर
कार के अलावा LCV जैसे छोटे कमर्शियल वाहनों पर 1000 रुपये से ज्यादा, जबकि बस या ट्रक वालों को 2200 के ऊपर चुकाना पड़ सकता है। भारी गाड़ियों का बोझ ज्यादा, लेकिन ट्रैफिक कम होने से फायदा। फास्टैग ब्लैकलिस्ट होने पर दोगुना चार्ज देना पड़ सकता है, इसलिए अपडेट रखें।
क्यों बदलेगा सफर का अंदाज?
यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ समय बचाएगा, बल्कि ईंधन खर्च भी घटाएगा। मगर टोल की वजह से कुल बजट थोड़ा ऊपर चढ़ेगा। परिवार के साथ ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो पहले कैलकुलेट करें। सरकार की वार्षिक पास स्कीम से फायदा हो सकता है। कुल मिलाकर, तेजी का मजा लेने के लिए थोड़ा इंतजार और प्लानिंग जरूरी। क्या आप तैयार हैं इस नए रोड के लिए?
















