उत्तर भारत में इस बार सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। घने कोहरे और शीतलहर की मार से बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यूपी, बिहार और झारखंड में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। अब 14 जनवरी तक ज्यादातर स्कूल बंद रहेंगे, जिससे अभिभावकों को राहत मिली है।

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यूपी में लंबी छुट्टी का ऐलान
उत्तर प्रदेश में कक्षा आठवीं तक के सरकारी स्कूल 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक पूरी तरह बंद रहेंगे। यह शीतकालीन अवकाश शैक्षणिक कैलेंडर के मुताबिक तय है, जो पिछले कुछ सालों से चला आ रहा है। कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के स्कूल पहले ही एक जनवरी तक बंद हो चुके हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह फैसला लिया गया, ताकि ठंड में बच्चे सुरक्षित रहें। कई जिलों में तापमान सामान्य से 5-7 डिग्री नीचे चला गया है। मकर संक्रांति के ठीक बाद 15 जनवरी से स्कूल खुलने की संभावना है।
बिहार का जिला-स्तरीय फैसला
बिहार में पटना जैसे बड़े शहरों में प्री-स्कूल से आठवीं कक्षा तक स्कूल 30 दिसंबर तक बंद कर दिए गए हैं। ऊपरी कक्षाओं के लिए सुबह दस बजे से दोपहर तीन बजे तक की टाइमिंग तय की गई है। सहरसा और नालंदा जैसे जिलों में दसवीं तक छुट्टी बढ़ी है। प्रशासन ने कोहरे के कारण सुबह के सफर को जोखिम भरा बताते हुए यह कदम उठाया। बोर्ड परीक्षाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा, वे तय समय पर होंगी। अभिभावक स्थानीय जिलाधिकारी के आदेशों पर नजर रखें।
झारखंड में भी राहत
झारखंड के रांची सहित कई इलाकों में किलो से बारहवीं तक स्कूल 31 दिसंबर तक बंद हैं। शीत लहर से तापमान गिरने के कारण छोटे बच्चों को घर पर रखने का निर्देश जारी हुआ। जनवरी के पहले हफ्ते में भी अवकाश की चर्चा है। सरकारी और निजी दोनों स्कूलों पर यह लागू है। शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन पढ़ाई का सुझाव दिया है। मौसम सुधरने तक स्थानीय स्तर पर बदलाव हो सकते हैं।
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ठंड का व्यापक प्रभाव
इस सर्दी में उत्तर भारत के 20 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है। हवा में गलन बढ़ गई है, जिससे सड़क हादसे भी बढ़े हैं। बच्चे स्कूल जाते समय बीमार पड़ने का खतरा ज्यादा है। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि गर्म कपड़े, विटामिन सी और घरेलू सूप से इम्यूनिटी बढ़ाएं।
आगे की तैयारी और सलाह
मकर संक्रांति के बाद मौसम में सुधार की उम्मीद है, लेकिन अपडेट जरूरी। अभिभावक बच्चों को घर पर ही रूटीन बनाकर पढ़ाई करवाएं। ऑनलाइन ऐप्स और वर्कशीट्स का इस्तेमाल करें। स्कूल प्रिंसिपल से संपर्क रखें। यह छुट्टी बच्चों के लिए मौका है कि वे परिवार के साथ समय बिताएं और सेहत का ध्यान रखें। कुल मिलाकर, सतर्क रहें और आधिकारिक सूचनाओं का इंतजार करें।
















