उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए नया साल बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। राज्य सरकार ने पुलिस कांस्टेबल और जेल वार्डर भर्ती परीक्षा के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब इन भर्ती परीक्षाओं में नेगेटिव मार्किंग की व्यवस्था पूरी तरह खत्म कर दी गई है। इस फैसले से अभ्यर्थियों को गलत उत्तर देने पर अंक कटने की चिंता नहीं रहेगी।

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नई नियमावली को मिली कैबिनेट की मंजूरी
योगी सरकार ने कैबिनेट में संशोधित नियमावली को मंजूरी दे दी है। इसके अंतर्गत दो प्रमुख सेवा नियमों में बदलाव किया गया है-
- पुलिस आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियमावली 2025
- जेल वार्डर संवर्ग सेवा (द्वितीय संशोधन) नियमावली 2025
इन संशोधनों के लागू होते ही सभी आगामी पुलिस और जेल वार्डर भर्ती परीक्षाएं बिना नेगेटिव मार्किंग के होंगी। यह अभ्यर्थियों के लिए अधिक पारदर्शिता और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने का मौका देगा।
नेगेटिव मार्किंग हटाना क्यों जरूरी था
पिछली भर्ती प्रक्रियाओं में गलत उत्तर देने पर अंक काटे जाने की व्यवस्था थी, जिससे उम्मीदवार कई बार सवालों को छोड़ने या अनुमान लगाने से बचते थे।नई व्यवस्था के तहत अब प्रत्येक उम्मीदवार पूरी कोशिश से ज्यादा से ज्यादा प्रश्न हल कर पाएगा, जिससे मेरिट लिस्ट में प्रदर्शन बेहतर होने की संभावना बढ़ेगी।
यह कदम विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों के लिए राहत साबित होगा जो ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं या पहली बार ऐसी परीक्षा दे रहे हैं।
अब आगे क्या होगा
यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड जल्द ही नियमावली संशोधन का औपचारिक नोटिफिकेशन जारी करेगा। इसके बाद नई विज्ञप्ति के साथ परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें यह नियम लागू रहेगा।
जो उम्मीदवार इन भर्तियों की तैयारी कर रहे हैं, वे अब बिना नेगेटिव मार्किंग के डर के मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस पेपर सॉल्व कर सकते हैं। इससे न केवल आत्मविश्वास बढ़ेगा बल्कि चयन के अवसर भी दोगुने हो सकते हैं।
मुख्य फायदे एक नजर में
- अब गलत उत्तर पर अंक नहीं काटे जाएंगे
- अभ्यर्थी अधिक प्रश्न हल कर सकेंगे
- परीक्षा का डर और तनाव कम होगा
- आत्मविश्वास और स्कोर दोनों बढ़ेंगे
- ग्रामीण अभ्यर्थियों को बड़ा फायदा मिलेगा
















