
यह खबर आम वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने FASTag सिस्टम में एक बड़ा बदलाव करते हुए कार, जीप और वैन के लिए लागू Know Your Vehicle (KYV) प्रक्रिया को 1 फरवरी 2026 से समाप्त करने का फैसला किया है। इस कदम से लाखों FASTag यूजर्स को वो झंझट खत्म हो जाएगा, जिसका सामना उन्हें हर तीन साल में वाहन वेरिफिकेशन के नाम पर करना पड़ता था।
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FASTag यूजर्स के लिए राहत की खबर
NHAI का यह फैसला उन यूजर्स के लिए बड़ा सुधार है जो वैध वाहन दस्तावेज होने के बावजूद KYV प्रक्रिया के कारण देरी और असुविधा झेल रहे थे। पहले वाहन मालिकों को FASTag एक्टिवेशन के बाद KYV करना अनिवार्य था, जिसमें गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और वाहन की फोटो अपलोड करनी पड़ती थी। अब यह प्रक्रिया खत्म होने के बाद FASTag एक्टिवेशन और ट्रांजैक्शन और भी आसान और तेज़ होंगे।
एनएचएआई का कहना है कि यह बदलाव FASTag सिस्टम को अधिक सरल, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल (user-friendly) बनाने के मकसद से किया गया है।
अब किन मामलों में KYV आवश्यक रहेगा
हालांकि एनएचएआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में KYV प्रक्रिया अभी भी लागू रहेगी।
ये मामले होंगे –
- यदि किसी वाहन का FASTag ढीला पड़ गया हो या गलत तरीके से लगा हो।
- FASTag गलत वाहन के नाम से जारी हुआ हो।
- या किसी तरह के दुरुपयोग या शिकायत के मामले सामने आएं।
इन परिस्थितियों के अलावा अब सामान्य वाहन धारकों को KYV प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। इसका सीधा मतलब है कि जब तक वाहन और टैग से जुड़ी कोई शिकायत नहीं आती, तब तक पुराना टैग भी वैध रहेगा।
बैंक-FASTag जारी एजेंसियों के लिए नई गाइडलाइन
एनएचएआई ने इस बदलाव के साथ ही FASTag जारी करने वाली बैंकों को भी कुछ नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। अब किसी भी नए FASTag को एक्टिवेट करने से पहले वाहन की जानकारी VAHAN पोर्टल के माध्यम से सत्यापित की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि टैग उसी वाहन के लिए जारी हो जिसके लिए आवेदन किया गया है। इससे FASTag के गलत इस्तेमाल और फर्जी एक्टिवेशन की संभावनाएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।
यह pre-activation validation system न केवल सुरक्षा को बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य में उपभोक्ताओं की शिकायतें और विवाद भी कम करेगा।
पुराने नियम से लोगों को होती थी परेशानी
अब तक KYV प्रक्रिया हर तीन साल में पूरी करनी होती थी। जिन वाहन मालिकों ने समय पर KYV नहीं कराया, उनके FASTag अस्थायी रूप से निष्क्रिय हो जाते थे। कई मामलों में यह स्थिति टोल प्लाजा पर “Tag Blacklisted” संदेश के रूप में दिखती थी, जिससे गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती थीं और ड्राइवरों को कैश से भुगतान करना पड़ता था। NHAI का नया फैसला न केवल इस परेशानी को दूर करेगा बल्कि सिस्टम में अनावश्यक नौकरशाही को भी कम करेगा।
क्या होगा फायदा
- FASTag जारी करने और एक्टिवेशन की प्रक्रिया अब बहुत तेज़ और आसान हो जाएगी।
- वाहन मालिकों को KYV अपलोड या नवीनीकरण की झंझट से मुक्ति मिलेगी।
- VAHAN पोर्टल वेरिफिकेशन से सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- टोल प्लाजा पर डिजिटल पेमेंट फ्लो और स्मूथ ट्रांजैक्शन सुनिश्चित होंगे।
यह सुधार FASTag सिस्टम को और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
NHAI का उद्देश्य
एनएचएआई का कहना है कि देश में FASTag सिस्टम का असली मकसद है कैशलेस टोल पेमेंट, समय की बचत और पारदर्शी ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देना। KYV प्रक्रिया को खत्म करने से लोगों का सिस्टम पर भरोसा बढ़ेगा और FASTag के प्रसार में तेजी आएगी। वर्तमान में भारत में 8 करोड़ से ज्यादा वाहनों पर FASTag इस्तेमाल हो रहा है, और यह निर्णय निश्चित रूप से करोड़ों ड्राइवरों के लिए राहत लेकर आया है।
















