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Service Charge Case: जबरन सर्विस चार्ज वसूलना पड़ा भारी! मुंबई के रेस्टोरेंट पर ₹50,000 जुर्माना, आपके साथ हो तो क्या करें?

रेस्टोरेंट बिल में सर्विस चार्ज गैरकानूनी! CCPA ने मुंबई के बोरा बोरा पर 50 हजार का जुर्माना लगाया। दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ कहा- ये वैकल्पिक टिप है, जबरदस्ती नहीं। शिकायत करें NCH 1915 पर। ग्राहक अब सशक्त, रिफंड लें!

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Service Charge Case: जबरन सर्विस चार्ज वसूलना पड़ा भारी! मुंबई के रेस्टोरेंट पर ₹50,000 जुर्माना, आपके साथ हो तो क्या करें?
Service Charge Case: जबरन सर्विस चार्ज वसूलना पड़ा भारी! मुंबई के रेस्टोरेंट पर ₹50,000 जुर्माना, आपके साथ हो तो क्या करें? 2

अगर आप भी रेस्टोरेंट में खाने जाते हैं और बिल देखकर चौंक जाते हैं कि अरे ये सर्विस चार्ज क्या चीज है जो अपने आप जुड़ गया, तो ये खबर आपके लिए गेम चेंजर है। कई बार हम सोचते हैं कि ये तो चलता रहता है, लेकिन सच्चाई ये है कि भारत में कोई भी रेस्टोरेंट खुद से सर्विस चार्ज नहीं थोप सकता। ये पूरी तरह वैकल्पिक है, एक तरह का टिप जो आपकी मर्जी से दें या न दें।

हाल ही में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने मुंबई के एक बड़े रेस्टोरेंट चेन पर 50 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया है, क्योंकि वो जबरदस्ती 10% सर्विस चार्ज बिल में डाल रहा था। ये मामला हमें सिखाता है कि अब ग्राहक बेबाक होकर बोल सकते हैं !

बोरा बोरा केस पूरी सच्चाई क्या है?

असल में बात मुंबई के बोरा बोरा रेस्टोरेंट की है, जो चाइना गेट रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड चलाता है। एक ग्राहक ने नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन के जरिए शिकायत की कि बिल में सर्विस चार्ज हटाने को कहा तो रेस्टोरेंट वालों ने न सिर्फ मना किया बल्कि बदतमीजी भी की।

CCPA ने जांच की तो पता चला कि 28 मार्च से 30 अप्रैल 2025 तक हर बिल में डिफॉल्ट सर्विस चार्ज जुड़ रहा था। ऊपर से इस पर GST भी लगा रहे थे, जो गाइडलाइंस के साफ उल्लंघन में था। रेस्टोरेंट ने बहाना बनाया कि कोर्ट फैसले के बाद बंद कर दिया, लेकिन सबूत न देने पर CCPA ने सख्ती बरती और 29 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर 50 हजार का फाइन ठोका । भाई, ये तो बस शुरुआत है!

कोर्ट ने क्या कहा?

इसकी जड़ें 2022 की CCPA गाइडलाइंस में हैं, जहां साफ कहा गया कि रेस्टोरेंट बिल में सर्विस चार्ज अपने आप नहीं जोड़ सकते। रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन 28 मार्च 2025 को कोर्ट ने CCPA को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि ये अनुचित व्यापारिक प्रथा है, उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 के खिलाफ। अगर सर्विस का खर्चा वसूलना है तो मेन्यू में डाल लो, बिल में छिपाकर मत थोपो। टिप वैकल्पिक है, जबरदस्ती नहीं । अब इस फैसले के बाद भी विद्रोह कर रहे रेस्टोरेंट पर नकेल कस रही है अथॉरिटी।

शिकायत कैसे करें?

अब अगर आपके साथ ऐसा हो तो घबराओ मत। पहले शांति से मैनेजर से कहो – सर्विस चार्ज हटा दो। ज्यादातर मान जाते हैं। मना करें तो नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) पर सीधे एक्शन लो: 1915 पर कॉल, WhatsApp 8800001915, NCH ऐप या ई-दाखिल पोर्टल www.e-daakhil.nic.in। ये फ्री है, रिफंड भी मिल सकता है। जबरदस्ती लेना गलत ट्रेड प्रैक्टिस है । एक बार ट्राई करो, कमाल का रिजल्ट मिलेगा!

ग्राहक अधिकार मजबूत

दोस्तों, ये उपभोक्ताओं की बड़ी जीत है। पहले चुप रहते थे, अब कानून ढाल है। अच्छी सर्विस पर दिल से टिप दो, लेकिन लूट मत सहो। CCPA सक्रिय है, ज्यादा शिकायतें आएंगी तो पूरा सेक्टर सुधर जाएगा। स्मार्ट बनो, एंजॉय करो खाना!

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