
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और देश में रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM Viksit Bharat Rozgar Yojana) को लॉन्च किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को आर्थिक प्रोत्साहन देना, रोजगार से जुड़ी स्किल्स को बढ़ावा देना और सोशल सिक्योरिटी सिस्टम को मजबूत करना है।
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पहली नौकरी पर 15,000 रुपये तक का लाभ
इस योजना के तहत पहली बार संगठित क्षेत्र में नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि (Incentive Amount) दी जाएगी। यह राशि सीधे लाभार्थी के आधार-सीडेड बैंक अकाउंट (Aadhaar Seeded Bank Account) में ट्रांसफर की जाएगी। भुगतान की प्रक्रिया को दो किस्तों में विभाजित किया गया है, जिससे युवाओं को नौकरी में टिके रहने के लिए प्रेरित किया जा सके।
कब और कैसे मिलेगी किस्त?
योजना के अनुसार, पहली किस्त लगातार 6 महीने की नौकरी पूरी होने के बाद दी जाएगी। यह राशि अधिकतम 7,500 रुपये तक होगी। वहीं दूसरी किस्त 12 महीने का रोजगार पूरा होने के बाद दी जाएगी, लेकिन यह सीधे बैंक खाते में न जाकर एक Saving Instrument में निवेश की जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं में बचत और फाइनेंशियल प्लानिंग की आदत को बढ़ावा देना है।
जुलाई में हुई योजना की लॉन्चिंग
केंद्र सरकार ने इस योजना को जुलाई 2025 में लॉन्च किया था। योजना को लागू करने का मकसद MSME सेक्टर, ग्रामीण उद्यमों और अन्य सभी क्षेत्रों में रोजगार सृजन को बढ़ाना है। इसके साथ ही सरकार चाहती है कि युवाओं को सिर्फ नौकरी ही न मिले, बल्कि उन्हें रोजगार से जुड़ी योग्यता (Employability Skills) भी प्राप्त हो।
दो साल की रजिस्ट्रेशन अवधि
इस योजना के अंतर्गत जिन नौकरियों पर लाभ मिलेगा, वे 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित होनी चाहिए। यानी कुल मिलाकर यह योजना दो साल की पंजीकरण अवधि (Registration Period) के लिए लागू रहेगी।
सरकार का लक्ष्य इस अवधि में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों के सृजन को प्रोत्साहित करना है। इसके लिए केंद्र सरकार ने करीब 99,446 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट तय किया है, जो इसे अब तक की सबसे बड़ी रोजगार प्रोत्साहन योजनाओं में शामिल करता है।
PM Viksit Bharat Rozgar Yojana के दो भाग
इस योजना को दो हिस्सों – Part A और Part B – में बांटा गया है, ताकि कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को इसका लाभ मिल सके।
Part A: कर्मचारियों के लिए सीधा लाभ
योजना के भाग ‘ए’ (Part A) के तहत मौजूदा और नए प्रतिष्ठानों में पहली बार नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन कर्मचारी के एक महीने के EPF वेतन के बराबर होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 15,000 रुपये तय की गई है।
- पहली किस्त:
लगातार 6 महीने की नौकरी पूरी करने पर अधिकतम 7,500 रुपये - दूसरी किस्त:
12 महीने का रोजगार पूरा होने और सरकार द्वारा निर्धारित Financial Literacy Program को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद
यह प्रावधान युवाओं को न केवल नौकरी में टिके रहने, बल्कि वित्तीय रूप से जागरूक बनने के लिए भी प्रेरित करता है।
Part B: नियोक्ताओं को भी मिलेगा प्रोत्साहन
योजना का भाग ‘बी’ (Part B) खास तौर पर नियोक्ताओं (Employers) के लिए तैयार किया गया है। इसके तहत यदि कोई नियोक्ता अतिरिक्त रोजगार सृजित करता है और उस कर्मचारी को कम से कम 6 महीने तक बनाए रखता है, तो सरकार उसे प्रति कर्मचारी प्रति माह 3,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देगी।
इस कदम से कंपनियों, खासकर MSME और ग्रामीण उद्यमों, को नए कर्मचारियों की भर्ती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और देश में जॉब मार्केट को मजबूती मिलेगी।
रोजगार और सामाजिक सुरक्षा को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि PM Viksit Bharat Rozgar Yojana से न सिर्फ युवाओं को पहली नौकरी पाने में मदद मिलेगी, बल्कि EPF, सोशल सिक्योरिटी और फॉर्मल एम्प्लॉयमेंट का दायरा भी बढ़ेगा। यह योजना लंबे समय में भारत के वर्कफोर्स को ज्यादा संगठित और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
















