
उत्तर प्रदेश में अपना घर या दुकान बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए योगी सरकार ने बड़ी राहत दी है, अब मकान या दुकान का नक्शा पास कराने के लिए विकास प्राधिकरणों (Development Authorities) की चौखट पर माथा टेकने और दलालों के चक्कर काटने की जरुरत नहीं पड़ेगी, उत्तर प्रदेश आवास विभाग ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है, जिससे प्रदेशवासियों की राह आसान हो गई है।
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डिजिटल हुई व्यवस्था, भ्रष्टाचार पर लगाम
सरकार द्वारा शुरू की गई नई डिजिटल व्यवस्था के तहत अब कोई भी नागरिक अपने घर के कंप्यूटर या मोबाइल से नक्शे के लिए आवेदन कर सकता है, इस पारदर्शिता से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि भ्रष्टाचार और बिचौलियों के दखल पर भी पूरी तरह से लगाम लग गई है।
इस नई व्यवस्था की बड़ी बातें
- सेल्फ-प्रमाणन से तुरंत मंजूरी: छोटे रिहायशी भूखंडों (300 वर्ग मीटर तक) के लिए सरकार ने ‘सेल्फ-प्रमाणन’ (Self-Certification) की सुविधा दी है। इसके तहत नक्शा अपलोड करते ही उसे तुरंत मंजूरी मिल जाती है।
- ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा: आवेदक अब OBPS (Online Building Plan Approval System) पोर्टल पर जाकर अपने आवेदन की स्थिति (Status) को लाइव ट्रैक कर सकते हैं।
- समय सीमा तय: पहले जहां नक्शा पास होने में महीनों लग जाते थे, वहीं अब सॉफ्टवेयर आधारित तकनीकी जांच के कारण यह काम चंद दिनों में ही पूरा हो रहा है।
- ऑनलाइन शुल्क भुगतान: मानचित्र स्वीकृति के लिए जरूरी शुल्क भी ऑनलाइन ही जमा किया जा सकता है, साथ ही, मामूली निर्माण बदलावों के लिए शमन योजना (Compounding Scheme) का लाभ भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध है।
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कैसे करें आवेदन?
यूपी के नागरिक अब यूपी ऑनलाइन सिटीजन सर्विस या संबंधित विकास प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लॉगिन कर सकते हैं, पोर्टल पर जाकर जरुरी दस्तावेज और प्रस्तावित नक्शा अपलोड करना होगा, जिसके बाद विभाग द्वारा डिजिटल सत्यापन कर मानचित्र को स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी।
शासन के इस कदम से उत्तर प्रदेश में ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा मिल रहा है और आम जनता को दफ्तरों की भागदौड़ से बड़ी मुक्ति मिली है।
















