आगरा को नई पहचान देने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने “न्यू आगरा अर्बन सेंटर” के मास्टर प्लान पर कार्यवाही तेज करते हुए इसे दिल्ली स्थित स्कूल ऑफ प्लॉनिंग एंड आर्किटेक्चर को परीक्षण के लिए भेजा है। विशेषज्ञों से इस पर सुझाव और रिपोर्ट एक माह में मांगी गई है, ताकि योजना को और बेहतर बनाया जा सके। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद प्राधिकरण बोर्ड और प्रदेश सरकार की स्वीकृति लेकर इसे अंतिम रूप देगा।

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58 गांवों में तैयार होगा आधुनिक शहर
इस परियोजना के अंतर्गत यमुना प्राधिकरण के फेज-दो में आगरा जिले के 58 गांवों को अधिसूचित किया गया है। इन गांवों की लगभग 12,200 हेक्टेयर भूमि पर न्यू आगरा विकसित किया जाएगा। इस नए शहर की योजना 14.6 लाख आबादी को बसाने की है, जिसमें हर वर्ग के लोगों के लिए आवासीय, सामाजिक और व्यावसायिक सुविधाएं तैयार की जाएंगी। यह क्षेत्र आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस होगा जिसमें सड़क, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन की सुविधाएं प्राथमिकता पर होंगी।
रोजगार का बड़ा केंद्र बनेगा न्यू आगरा
न्यू आगरा केवल रहने की जगह नहीं होगी, बल्कि यह आर्थिक दृष्टि से भी एक मजबूत शहर के रूप में उभरने वाला है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि यहां उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र के माध्यम से लगभग आठ लाख पचास हजार लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकें। पर्यटन, आतिथ्य और व्यापारिक गतिविधियों को इस योजना के केंद्र में रखा गया है ताकि आगरा की ऐतिहासिक पहचान के साथ-साथ इसे आधुनिक विकास मॉडल से जोड़ा जा सके।
चंडीगढ़ मॉडल पर बसाया जाएगा नया शहर
न्यू आगरा को चंडीगढ़ की तर्ज पर व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाएगा। इसके मास्टर प्लान में हर सेक्टर को संतुलित रूप से डिजाइन किया गया है ताकि शहर हर दृष्टि से हरित, साफ-सुथरा और रहने योग्य हो। प्रस्तावित योजना के अनुसार लगभग 2,501 हेक्टेयर क्षेत्र आवासीय होगा, जो कुल विकसित क्षेत्र का 27.7 प्रतिशत है। इसके साथ 1,813 हेक्टेयर कृषि आधारित उद्योगों के लिए और 447 हेक्टेयर मिश्रित उपयोग क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। लगभग 340 हेक्टेयर क्षेत्र को व्यावसायिक गतिविधियों जैसे खुदरा दुकानों, कार्यालय परिसरों और व्यापारिक केंद्रों के लिए रखा जाएगा।
प्रदूषण मुक्त उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
न्यू आगरा को पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील बनाते हुए प्रदूषण मुक्त उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें कृषि आधारित उद्योग, आईटी और आईटीईएस जैसे क्षेत्रीय उद्योगों को शामिल किया जाएगा। शहर की ऊर्जा आवश्यकताओं को हरित स्रोतों से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि यह पूरी तरह सतत और पर्यावरण अनुकूल बने।
आगरा की ऐतिहासिक और पर्यावरणीय विरासत का संरक्षण
आगरा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए न्यू आगरा का विकास इस तरह किया जाएगा कि इसकी पहचान और विरासत सुरक्षित रह सके। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि शहर न केवल आधुनिक हो, बल्कि आगरा की प्राकृतिक सुंदरता और पारंपरिक पहचान को भी बरकरार रखे।
न्यू आगरा का यह प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में ना सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत का एक बड़ा आकर्षण बन सकता है। अगर योजना निर्धारित समय पर पूरी होती है, तो यहां का शहरी ढांचा देश के सबसे विकसित शहरों की श्रेणी में शामिल हो सकता है।
















