बिहार सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी किसानों के लिए अब फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) कराना जरूरी कर दिया गया है। इसके बिना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Yojana) की अगली किस्त जारी नहीं की जाएगी। सरकार ने इसके लिए 6 जनवरी से 9 जनवरी 2026 तक विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है ताकि कोई भी किसान इस प्रक्रिया से वंचित न रहे।

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फार्मर रजिस्ट्री क्या है और क्यों जरूरी है?
फार्मर रजिस्ट्री एक डिजिटल डेटाबेस है जिसमें किसानों की पूरी जानकारी दर्ज की जाती है। इसमें किसान का नाम, आधार नंबर, जमीन का विवरण, फसल की किस्म और मोबाइल नंबर जैसी जरूरी जानकारियाँ शामिल होती हैं। यह रजिस्ट्री राज्य के कृषि विभाग की वेबसाइट पर सुरक्षित रहती है और भविष्य में किसी भी सरकारी योजना से जोड़ने में मदद करती है। जब किसान की एक बार डिजिटल पहचान (Farmer ID) बन जाती है, तो उसे हर योजना के लिए बार-बार आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ती। यह सिस्टम पारदर्शी और तेज़ लाभ पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
किसान कहां करा सकते हैं रजिस्ट्री?
राज्य के सभी जिलों में इस अभियान के तहत विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। किसान अपने गांव या इलाके में स्थित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), ग्राम पंचायत भवन, या तहसील कार्यालय में जाकर रजिस्ट्री करा सकते हैं। इसके अलावा किसान अपने कृषि समन्वयक, हल्का कर्मचारी या राजस्व विभाग के अधिकारी से भी सहायता ले सकते हैं। इन शिविरों में कृषि विभाग और भूमि सुधार विभाग के कर्मचारी संयुक्त रूप से उपस्थित रहेंगे ताकि पूरी प्रक्रिया सरल और सुविधाजनक बने।
आवश्यक दस्तावेज़ क्या होंगे?
रजिस्ट्री कराने के लिए किसानों को कुछ बुनियादी दस्तावेज़ अपने साथ ले जाने होंगे।
- आधार कार्ड
- सक्रिय मोबाइल नंबर
- खेती से संबंधित भूमि की ऑनलाइन जमाबंदी या खतियान की प्रति
यह दस्तावेज़ किसान की पहचान और भूमि स्वामित्व की पुष्टि के लिए जरूरी हैं।
सरकार का फोकस – एग्री स्टैक परियोजना
यह पूरी प्रक्रिया एग्री स्टैक परियोजना (Agri Stack Project) के तहत चलाई जा रही है। यह केंद्र सरकार की डिजिटल पहल है जिसका लक्ष्य देश के हर किसान को एक यूनिक डिजिटल प्रोफाइल देना है। इससे सरकार को राज्यवार कृषि डेटा उपलब्ध होगा और नीतियों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी। बिहार सरकार ने इसे मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि राज्य का कोई भी पात्र किसान लाभ से वंचित न रह जाए।
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कौन-कौन सी योजनाओं में मिलेगा फायदा
फार्मर रजिस्ट्री पूरा होने के बाद किसानों को कई प्रमुख सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) की अगली किस्त
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बिक्री
- कृषि ऋण और आपदा राहत सहायता
फार्मर रजिस्ट्री पूरी होने से इन सभी योजनाओं का लाभ सीधे किसान के बैंक खाते में पहुंचेगा, जिससे समय और प्रक्रिया दोनों में सादगी आएगी।
अब तक की प्रगति और आगे की योजना
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 31 प्रतिशत किसानों की ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं, जमाबंदी बकेट क्लेम की दर लगभग 4.8 प्रतिशत है। सरकार ने इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की घोषणा की है और इसे प्रतिदिन मॉनिटर किया जा रहा है। विभागीय अधिकारी दैनिक समीक्षा बैठकों के माध्यम से यह सुनिश्चित करेंगे कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक किसान रजिस्ट्री पूरी कर सकें।
किसानों के लिए सीधा लाभ
फार्मर रजिस्ट्री के तहत किसानों को अब किसी बिचौलिये के चक्कर में नहीं पड़ना होगा। एक बार डिजिटल रजिस्ट्री पूरी होते ही किसान की पहचान सरकारी पोर्टल पर स्थायी रूप से दर्ज हो जाएगी। इससे योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक पारदर्शी और समय पर होगा। साथ ही किसान को अपने लाभ की स्थिति की जानकारी ऑनलाइन तुरंत मिल जाएगी।
किसानों के लिए अपील
बिहार सरकार ने सभी पात्र किसानों से अपील की है कि वे 6 से 9 जनवरी के बीच चल रहे इस अभियान का हिस्सा बनें और अपनी Farmer ID जल्द बनवाएं। यह सिर्फ पीएम किसान योजना की किस्त पाने का ही नहीं, बल्कि भविष्य की सभी सरकारी योजनाओं से सीधे जुड़ने का एक अवसर भी है।
















