आयुष्मान भारत योजना से जुड़े लाभार्थियों के लिए सरकार ने एक अहम फैसला लागू किया है। अब योजना के तहत किसी भी व्यक्ति को नया आयुष्मान कार्ड पाने या पुराने कार्ड का नवीनीकरण कराने के लिए आधार आधारित e-KYC प्रक्रिया पूरी करनी ही होगी।

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क्या है नया सरकारी नियम?
नए प्रावधान के मुताबिक, अब बिना e-KYC के कोई नया आयुष्मान कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। यह कदम योजना में पारदर्शिता लाने और उन परिवारों को असली लाभ पहुंचाने के लिए उठाया गया है जो वास्तव में पात्र हैं।
पहले कई बार देखा गया था कि गलत या अपूर्ण जानकारी के कारण कई परिवारों को कार्ड मिल रहे थे, जिससे असली पात्र लोगों को लाभ नहीं मिल पाता था। अब डिजिटल पहचान सत्यापन से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
e-KYC का मतलब और महत्व
e-KYC यानी “Electronic Know Your Customer” एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें आवेदक की पहचान ऑनलाइन आधार डेटाबेस से सत्यापित होती है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही व्यक्ति को आयुष्मान कार्ड की सुविधाएं जारी रहेंगी या नया कार्ड मिलेगा।
e-KYC के कुछ प्रमुख लाभ:
- यह फर्जीवाड़े और डुप्लीकेट कार्ड बनाने की संभावना को कम करेगा।
- सरकार के डेटा रिकॉर्ड को अधिक सटीक बनाएगा।
- योजना के लाभ को केवल पात्र परिवारों तक सीमित करेगा।
e-KYC नहीं कराने पर क्या होगा असर?
अगर लाभार्थी e-KYC नहीं कराता है, तो उसका नया कार्ड जारी नहीं होगा।
इसके अलावा, पहले से जारी कार्ड भी अमान्य हो सकता है और मुफ्त इलाज का लाभ रुक सकता है। इसलिए सभी लाभार्थियों को अपने e-KYC दस्तावेज जल्द से जल्द अपडेट करने की सलाह दी जा रही है।
e-KYC पूरी करने का आसान तरीका
e-KYC प्रक्रिया पूरी करने के लिए लाभार्थी निम्न माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं:
- अपने नजदीकी Common Service Centre (CSC) या आयुष्मान मित्र केंद्र में जाकर।
- आयुष्मान भारत पोर्टल पर लॉगिन करके।
- आधार OTP या बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए ऑनलाइन वेरिफिकेशन कर सकते हैं।
किन लोगों को तुरंत करनी चाहिए e-KYC?
- जिनका आयुष्मान कार्ड अब तक बन नहीं पाया है।
- जिनके कार्ड में पुराने पते या परिवार के सदस्यों की जानकारी गलत है।
- या जिन्होंने पहले कार्ड बनवाया था लेकिन हाल में अपने आधार में बदलाव किया है।
















