बिहार में सर्दी ने अब जोरदार आक्रमण कर दिया है। न्यूनतम तापमान कई स्थानों पर 4 डिग्री सेल्सियस के नीचे गिर गया, जिससे लोगों का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी भी बेहद कम हो गई है।

Table of Contents
ठंड से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले
उत्तर बिहार के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, छपरा, गोपालगंज और दक्षिणी जिलों जैसे बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल में ठंड का प्रकोप सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। इन जिलों के प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 13 जनवरी तक सभी स्कूल बंद करने का ऐलान किया है। अभिभावकों से अपील की गई है कि बच्चों को घर पर ही पढ़ाई करवाएं।
तापमान में भारी गिरावट
पिछले 48 घंटों में मौसम ने करवट ली और पारा तेजी से नीचे आ गया। गया का न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री, समस्तीपुर में 4.4 डिग्री और छपरा में 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में तापमान 2-4 डिग्री तक और गिर सकता है, खासकर उत्तर बिहार में।
जनजीवन पर असर
सड़कों पर कोहरे का सैलाब छा गया है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। ट्रेनें और बसें भी लेट चल रही हैं। बेघर लोगों और मजदूर वर्ग के लिए यह ठंड जानलेवा साबित हो रही है। जिला प्रशासन ने आश्रय स्थल बनाए हैं और गर्म कपड़े व भोजन का इंतजाम किया है।
कब मिलेगी राहत?
विशेषज्ञों का कहना है कि 15 जनवरी के बाद ही ठंड की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है। पछुआ हवाओं का दौर जनवरी भर बना रह सकता है। तब तक सतर्क रहने और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जा रही है।
















