भारत में स्मार्टफोन यूजर्स के लिए खुशखबरी। डायरेक्ट टू मोबाइल या D2M तकनीक से जल्द ही फोन पर बिना डेटा के टीवी चैनल चलेंगे। सरकारी प्रसारक ने इसका टेस्ट किया है, लेकिन टेलीकॉम कंपनियां नाखुश। ग्रामीण इलाकों में क्रांति लाने वाली यह तकनीक आखिर क्या है? आइए जानते हैं पूरी बात।

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D2M तकनीक की खासियत
यह तकनीक मोबाइल पर सीधे ब्रॉडकास्ट सिग्नल भेजती है। Jio या Airtel जैसे नेटवर्क टावरों की जरूरत नहीं। बस फोन में खास चिप हो। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां नेटवर्क कमजोर, वहां न्यूज, मैच या सरकारी खबरें देखना आसान हो जाएगा। आपदा में अलर्ट भी तुरंत मिलेंगे। सस्ता और तेज, यही इसका फंडा।
टेस्टिंग का सफर
कुछ साल पहले IIT कानपुर से पार्टनरशिप हुई। चेक किया गया कि इससे मोबाइल सिग्नल खराब तो नहीं होते। फोन गर्म तो नहीं होता। लैब में खास फोन्स पर ट्रायल चला। रिपोर्ट आई कि सब सेफ है। नेटवर्क पर कोई असर नहीं। अब रोलआउट की राह साफ।
टेलीकॉम का विरोध क्यों?
सेल्युलर ऑपरेटर्स ग्रुप ने आपत्ति जताई। टेस्ट में उनकी कंपनियों को नहीं बुलाया गया। प्रक्रिया बंद दरवाजे की लगी। भविष्य में सिग्नल क्लैश हो सकता है। सबको साथ लेकर चलना चाहिए, उनका मानना। रिपोर्ट पर हैरानी जताई।
ग्रामीणों को कितना फायदा?
50 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित होंगे। डेटा बिल खत्म, मनोरंजन फ्री। डिजिटल इंडिया को बूस्ट। लेकिन विवाद सुलझे तो ही रास्ता खुलेगा। 2026 तक बड़े बदलाव की उम्मीद।
















