Join Youtube

कभी दुनिया के सबसे खतरनाक योद्धा थे डेनमार्क के लोग! आज सेना कमजोर क्यों, अमेरिका के सामने कितनी फायरपावर

वाइकिंग्स के वंशजों के पास सिर्फ 21K सैनिक vs अमेरिका के 13 लाख! 124 गुना बजट, 13K प्लेन... कितने घंटे टिकेगी डेनमार्क की सेना? NATO बचाएगा या खत्म? शॉकिंग आंकड़े!

Published On:

वाइकिंग्स के वंशज डेनमार्क के योद्धा कभी समंदर पार लुटेरों के राजा थे, लेकिन आज उनकी सेना सुपरपावर अमेरिका का सामना कर पाएगी? ट्रंप के ग्रीनलैंड खरीदने वाले बयान ने फिर सुर्खियां बटोरीं। आर्कटिक के इस रणनीतिक द्वीप पर अगर अमेरिका ने कब्जे की कोशिश की तो डेनमार्क कितना डटकर मुकाबला करेगा? आंकड़ों से साफ होता है – अंतर इतना भयानक है कि जंग लंबी खिंचने की गुंजाइश कम।

कभी दुनिया के सबसे खतरनाक योद्धा थे डेनमार्क के लोग! आज सेना कमजोर क्यों, अमेरिका के सामने कितनी फायरपावर
कभी दुनिया के सबसे खतरनाक योद्धा थे डेनमार्क के लोग! आज सेना कमजोर क्यों, अमेरिका के सामने कितनी फायरपावर 2

कुल सैन्य बल

डेनमार्क छोटा देश है, इसलिए उसकी आर्मी भी सीमित। कुल सक्रिय सैनिकों की तादाद 21,000 के आसपास है। रिजर्व जोड़ें तो भी 5 लाख से ज्यादा नहीं। अमेरिका के मुकाबले ये कुछ भी नहीं – वहां 13 लाख सक्रिय सैनिक तैनात हैं, लाखों रिजर्व के साथ। जमीन पर सैनिकों की भरमार अमेरिका को फायदा देगी। डेनमार्क की सेना खास ट्रेनिंग वाली है, लेकिन संख्या में 60 गुना कमजोर। ग्रीनलैंड जैसे ठंडे इलाके में लंबी लड़ाई लड़ना मुश्किल।

आसमान पर अमेरिकी राज

हवाई ताकत युद्ध की कुंजी है। अमेरिका के पास 13,000+ एयरक्राफ्ट हैं – F-22, F-35 स्टील्थ जेट्स, B-2 बॉम्बर्स और MQ-9 ड्रोन। डेनमार्क के पास सिर्फ 117 विमान, ज्यादातर पुराने F-16। अमेरिकी एयरफोर्स डेनमार्क की हवाई पट्टी को पहले ही हमले में उड़ा देगी। ग्रीनलैंड पहुंचने में दूरी का फायदा अमेरिका को मिलेगा, जबकि डेनमार्क को NATO मदद का इंतजार करना पड़ेगा।

टैंक-जहाज, जमीन-समुद्र पर फासला

जमीन पर डेनमार्क के 44 टैंक अमेरिका के 4,640 टैंकों के आगे खिलौने जैसे। लेपर्ड 2 टैंक अच्छे हैं, लेकिन संख्या कम। समुद्र में 50 जहाज (फ्रिगेट, सबमरीन) अमेरिका के 440 नौसैनिक जहाजों (11 एयरक्राफ्ट कैरियर सहित) से टकराएंगे कैसे? आर्कटिक पानी में अमेरिकी नेवी डेनमार्क को घेर लेगी।

बजट, 124 गुना का abhyas

अमेरिका का रक्षा बजट 800 अरब डॉलर+ है, डेनमार्क का 7 अरब। 124 गुना अंतर से हथियार, सैटेलाइट, साइबर वारफेयर सबमें अमेरिका आगे। डेनमार्क GDP का 1.5% खर्च करता है, लेकिन अमेरिका की मशीनरी क्रश कर देगी।

NATO सदस्यता से जंग की आशंका न के बराबर। डिप्लोमेसी जीतेगी, लेकिन अकेले टकराव में डेनमार्क घंटों-दिनों टिकेगा। वाइकिंग स्पिरिट जिंदा है, टेक नहीं। 

Leave a Comment