
जो देश की रक्षा करते रहे, उनके लिए सरकार ने जेब भारी करने का ऐलान किया। पूर्व सैनिकों की बेटियों की शादी के लिए विवाह अनुदान 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रति लाभार्थी कर दिया। और ये सिर्फ दो पुत्रियों तक ही सीमित। रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को ये बात कही, केंद्रीय सैनिक बोर्ड के जरिए ये मदद मिलेगी। राजनाथ सिंह जी ने पिछले साल इसे हरी झंडी दी थी – शत प्रतिशत बढ़ोतरी का फॉर्मूला लागू।
सोचिए, एक परिवार में दो बेटियाँ, दो-दो लाख की मदद। ये छोटी बात नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए बड़ी राहत जो पेंशन पर गुजारा करते हैं। सेवा और बलिदान का ये सम्मान तो बनता है ना!
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पेंशनरी ग्रांट और शिक्षा अनुदान भी दोगुना
बस यहीं नहीं रुकी बात। वृद्ध और गैर-पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों, साथ ही 65 पार की विधवाओं के लिए पेंशनरी ग्रांट 4 हजार से चढ़कर 8 हजार रुपये मासिक हो गई। आजीवन सपोर्ट, बिना किसी रोकटोक के। शिक्षा के मोर्चे पर भी धमाका – पूर्व सैनिकों के दो बच्चों (कक्षा 1 से ग्रेजुएशन तक) या विधवाओं के दो साल के पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स के लिए अनुदान 1,000 से 2,000 रुपये प्रति माह प्रति बच्चा।
पढ़ाई का खर्चा कम, बच्चे आगे बढ़ें – यही तो मकसद। ये योजनाएं पूर्व सैनिक कल्याण विभाग की हैं, जो आश्रितों को मजबूत बनाएंगी।
राजनाथ सिंह का युवाओं को संदेश
इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी ने युवाओं से खुलकर बात की। उत्तर प्रदेश के 78 नौजवानों के साथ ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलाग’ में बोले – भारत को विकसित बनाने में तुम ही तो ताकत हो। बहुविषयक पढ़ाई लो, AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस रिसर्च जैसे फील्ड्स में कदम मिलाओ।
“सीखना कभी बंद मत करना। गलतियों से, दूसरों के तजुर्बे से सीखो। बड़े सपने देखो, लेकिन बोझ मत बनने दो।” चुनौतियां जीवन का हिस्सा हैं, इन्हें अवसर मानो। आलोचना-असफलता ही असली चरित्र दिखाती है। निडर बनो, लेकिन समझदारी से सामना करो। कठिन वक्त क्षमता की परीक्षा लेता है। युवा शक्ति से ही देश उड़ेगा!
पूर्व सैनिक परिवारों के लिए क्या फायदा
ये बढ़ोतरी उन परिवारों को सीधी ताकत देगी जो आर्थिक तंगी झेलते हैं। शादी का खर्चा, पढ़ाई का बोझ, बुढ़ापे की पेंशन – सब डबल। केंद्रीय सैनिक बोर्ड से संपर्क करो, दस्तावेज तैयार रखो। जागरूकता फैलाओ, ताकि हर हकदार तक पहुंचे। सरकार का ये कदम सच्ची कद्र दिखाता है।
राजनाथ जी का संदेश युवाओं के लिए प्रेरणा – सपने देखो, मेहनत करो। देश सेवा करने वाले पूर्व सैनिकों का सम्मान, नई पीढ़ी को दिशा। कुल मिलाकर, सम्मान और प्रगति का मेला सज गया। आप क्या सोचते हो, ये बदलाव कितना असर दिखाएंगे?
















