
देशभर के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार ने अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर अपनी नीति में लचीलापन दिखाने के संकेत दिए हैं, शिक्षा मंत्रालय के ताजा रुख से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि लंबे समय से इस अनिवार्यता का विरोध कर रहे शिक्षकों को जल्द ही बड़ी छूट मिल सकती है।
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16 जनवरी तक राज्यों से मांगा गया विस्तृत ब्यौरा
शिक्षा मंत्रालय ने इस दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र जारी किया है, मंत्रालय ने राज्यों से 16 जनवरी 2026 तक उन शिक्षकों का पूरा डेटा मांगा है जो शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून लागू होने यानी 2011 से पहले नियुक्त हुए थे, सरकार यह जानना चाहती है कि आखिर कितने शिक्षक अभी भी बिना TET पास किए सेवा दे रहे हैं और उनकी सेवानिवृत्ति (Retirement) में कितना समय बचा है।
क्या है केंद्र का संकेत?
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार अब इन शिक्षकों के लिए एक ‘मध्यम मार्ग’ निकालने पर विचार कर रही है, जिन प्रमुख बिंदुओं पर राहत मिलने की संभावना है, वे इस प्रकार हैं:
- 15-20 वर्षों का अनुभव रखने वाले शिक्षकों के लिए परीक्षा की अनिवार्यता को शिथिल किया जा सकता है।
- सुप्रीम कोर्ट के हालिया रुख को देखते हुए, जिन शिक्षकों की नौकरी के 5 साल से कम बचे हैं, उन्हें स्थायी रूप से इस परीक्षा से छूट मिल सकती है।
- TET के स्थान पर एक विशेष अल्पकालिक प्रशिक्षण या ‘ब्रिज कोर्स’ लाने का विचार भी चल रहा है।
सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख और बदलती परिस्थितियां
गौरतलब है कि सितंबर 2025 में आए सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद देशभर के शिक्षकों पर नौकरी का संकट मंडराने लगा था, अदालत ने सभी के लिए TET अनिवार्य कर दिया था, हालांकि, अब केंद्र सरकार के हस्तक्षेप और राज्यों द्वारा डेटा संकलन की प्रक्रिया शुरू होने से शिक्षकों में उम्मीद की नई किरण जागी है।
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पदोन्नति के लिए नियम यथावत
हालांकि राहत के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन केंद्र ने यह भी साफ किया है कि पदोन्नति (Promotion) के लिए किसी भी प्रकार की छूट की संभावना फिलहाल कम है, भविष्य में उच्च पदों पर जाने के इच्छुक शिक्षकों को अपनी योग्यता साबित करने के लिए TET पास करना ही होगा।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि सरकार का यह कदम सकारात्मक है। यदि 16 जनवरी के बाद सरकार कोई ठोस अधिसूचना जारी करती है, तो यह उन शिक्षकों के लिए एक ऐतिहासिक जीत होगी जो वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
ताजा अपडेट और आधिकारिक जानकारी के लिए शिक्षक शिक्षा मंत्रालय (MoE) की आधिकारिक वेबसाइट पर नज़र बनाए रखें।
















