राजस्थान के मैदानी इलाकों में इस बार सर्दी ने रफ्तार पकड़ ली है। घने कोहरे की चादर ने नजरें धुंधला कर दी हैं, जबकि कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में कैद कर लिया है। मौसम विशेषज्ञों की चेतावनी के बाद स्थानीय प्रशासन ने सक्रिय होकर स्कूलों के समय में बदलाव और छुट्टियों का ऐलान कर दिया। खासतौर पर छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। जयपुर से सीकर, जैसलमेर तक के जिलों में हालात गंभीर हैं, जहां न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया है।
प्रशासन का यह फैसला न सिर्फ अभिभावकों के लिए सुकून लेकर आया है, बल्कि बच्चों को सुबह की भयंकर ठंड से बचाने में भी मददगार साबित हो रहा है। अब सवाल यह है कि यह छुट्टियां कितने दिनों तक चलेंगी और बाकी जिलों पर क्या असर पड़ेगा। आइए जानते हैं जिलेवार ताजा अपडेट और क्या कह रहे हैं मौसम विज्ञानियों।

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जयपुर, राजधानी में छोटे बच्चों को दो दिन की राहत
राजधानी जयपुर में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। यहां जिला प्रशासन ने प्री-प्राइमरी से कक्षा पांचवीं तक के स्कूलों को 12 और 13 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है। हालांकि, शिक्षक और अन्य कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहेंगे। यह कदम घने कोहरे और शीतलहर को देखते हुए उठाया गया, ताकि छोटे बच्चे सड़कों पर खतरे का शिकार न हों। अभिभावक खुश हैं, लेकिन कई को लग रहा है कि छुट्टियां और बढ़नी चाहिए।
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सीकर और शेखावाटी क्षेत्र में लंबी छुट्टी
शेखावाटी के सीकर जिले में सर्दी ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। यहां कक्षा पांचवीं तक के सभी स्कूल 17 जनवरी तक बंद रहेंगे। ऊपरी कक्षाओं यानी छठी से बारहवीं तक के छात्रों के लिए स्कूल का समय बदल दिया गया है- अब कक्षाएं सुबह 11 बजे से दोपहर चार बजे तक चलेंगी। इससे बच्चे सुबह की कठोर ठंड से बच सकेंगे और पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी। स्थानीय लोग बताते हैं कि रातें तो गुजर जाती हैं, लेकिन सुबह का कोहरा सफर को जोखिम भरा बना देता है।
जैसलमेर, जालौर और उत्तरी जिलों में भी ब्रेक
मरुस्थलीय जैसलमेर में कक्षा आठवीं तक के स्कूल 14 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं। इसी तरह जालौर में भी छोटे बच्चों को राहत मिली है। हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जैसे उत्तरी जिलों में पहले से ही छुट्टियां बढ़ाई गई थीं, और अब मौसम की स्थिति के आधार पर इन्हें और लंबा खींचा जा सकता है। इन इलाकों में शीतलहर की वजह से तापमान शून्य से नीचे लुढ़क गया है, जिससे सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं।
जोधपुर-उदयपुर
जहां पूरी छुट्टी नहीं दी गई, वहां समय सारिणी में बदलाव किया गया। जोधपुर और उदयपुर में सभी सरकारी व निजी स्कूल अब सुबह दस बजे से शुरू होंगे। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि कोई भी संस्थान इन निर्देशों की अवहेलना करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। यह कदम बच्चों को सुबह के कड़ाके से बचाने के लिए है, क्योंकि कोहरा दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है।
मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिनों में स्थिति और बिगड़ेगी। प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी भागों में अति घना कोहरा छाया रहेगा, जबकि फतेहपुर व चूरू जैसे क्षेत्रों में तापमान माइनस दो डिग्री तक गिर सकता है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं- गर्म कपड़े पहनें, बाहर कम निकलें और वाहनों में फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।
अभिभावकों से अपील है कि स्कूलों के आधिकारिक संदेशों पर ही यकीन करें। सोशल मीडिया की अफवाहों से बचें। अच्छी बात यह है कि बोर्ड परीक्षाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा- वे तय समय पर ही होंगी। यह सर्दी का मौसम है, लेकिन सतर्कता से हम इसे आसानी से पार कर सकते हैं। स्थानीय प्रशासन लगातार निगरानी रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर और फैसले लेगा।
















