
अगर आपके पास अपनी निजी कार है और आप उससे कमाई करना चाहते हैं, तो अब यह पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है, बिहार सरकार ने निजी वाहनों (सफेद प्लेट) को कमर्शियल या टैक्सी (पीली प्लेट) में बदलने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
यह भी देखें: BEd Latest Update: 1 साल का बीएड कौन कर सकता है? 2 साल वाले कोर्स को लेकर क्या है सच्चाई
Table of Contents
बिहार में क्या बदला?
बिहार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने घोषणा की है कि अब निजी वाहनों को कमर्शियल में बदलने का अधिकार जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) को सौंप दिया गया है, पहले इस प्रक्रिया के लिए जिला पदाधिकारी (DM) की अनुमति अनिवार्य थी, जिससे काफी समय लगता था।
- अब वाहन मालिक सीधे DTO के पास आवेदन कर सकते हैं।
- मालिक को केवल पुरानी और नई श्रेणी के बीच टैक्स का अंतर चुकाना होगा और गाड़ी का फिटनेस सर्टिफिकेट लेना होगा।
- सरकारी विभागों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल कमर्शियल रजिस्टर्ड गाड़ियों को ही अनुबंध पर लें।
दिल्ली में भी तैयारी
दिल्ली सरकार भी अपनी ‘इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और टैक्सी पॉलिसी’ के तहत निजी कारों को शेयर्ड टैक्सी के रूप में चलाने की अनुमति देने पर विचार कर रही है, इसका मुख्य उद्देश्य प्रदूषण को कम करना और आम जनता के लिए आय के नए साधन खोलना है।
यह भी देखें: UP School Closed: ठंड का कहर जारी! अब 20 जनवरी तक बंद रहेंगे 12वीं तक के स्कूल, DM ने जारी किया सख्त आदेश।
अन्य राज्यों की स्थिति
- तमिलनाडु: तमिलनाडु सरकार ने पहले ही नियम बदलते हुए किसी भी मॉडल की निजी कार को मामूली शुल्क (₹625 से ₹1,150) देकर टैक्सी में बदलने की अनुमति दे दी थी।
गाड़ी को टैक्सी बनाने के लिए जरुरी शर्तें
- वाहन मालिक को परिवहन (Vahan) पोर्टल के जरिए “Conversion of Vehicle” का विकल्प चुनना होगा।
- रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), वैध इंश्योरेंस (कमर्शियल), फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) अनिवार्य हैं।
- परमिट मिलने के बाद नंबर प्लेट का रंग बदलकर पीला (Yellow Plate) करना जरूरी है।
निजी गाड़ी को बिना कमर्शियल में बदले टैक्सी के रुप में इस्तेमाल करना गैरकानूनी है, जिसके लिए ₹5,000 से ₹10,000 तक का जुर्माना या सजा का प्रावधान है।
















