
कई महीनों की तेज़ी के बाद शुक्रवार को सोना (Gold) और चांदी (Silver) के बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। कीमतों में आई इस भारी टूट ने निवेशकों को चौंका दिया और वायदा बाजार (Futures Market) में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह गिरावट बीते कई महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट मानी जा रही है।
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MCX पर लोअर सर्किट में पहुंचे सोना-चांदी
30 जनवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों ही मेगा और मिनी कॉन्ट्रैक्ट्स में लोअर सर्किट में चले गए। ऊंचे स्तरों पर तेज मुनाफावसूली (Profit Booking), वैश्विक बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी डॉलर की मजबूती के कारण कीमती धातुओं पर भारी दबाव देखने को मिला।
चांदी ₹67,891 टूटी, अब तक की सबसे बड़ी गिरावट
MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी 67,891 रुपये या 16.97% की बड़ी गिरावट के साथ 3,32,002 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। यह चांदी की कीमतों में अब तक की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट मानी जा रही है।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले गुरुवार को चांदी में करीब 9% की तेजी आई थी और इसने 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। बाद में यह 3,99,893 रुपये पर बंद हुई थी।
सोना भी फिसला, ₹15,246 की भारी कमजोरी
चांदी के साथ-साथ सोने (Gold Futures) में भी तेज बिकवाली देखने को मिली। MCX पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 15,246 रुपये या करीब 9% गिरकर 1,54,157 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
एक दिन पहले गुरुवार को सोने ने 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम का ऑल-टाइम हाई बनाया था, लेकिन मुनाफावसूली के चलते यह 1,69,403 रुपये पर फिसल गया था।
ETF निवेशकों को भी बड़ा झटका
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के अनुसार, शुक्रवार को सोना और चांदी सभी श्रेणियों में लोअर सर्किट में चले गए। उन्होंने बताया कि वायदा बाजार की तुलना में Gold और Silver ETF में गिरावट और भी ज्यादा रही।
घरेलू बाजार में गोल्ड और सिल्वर ETF की कीमतों में 20% तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे रिटेल और लॉन्ग-टर्म निवेशकों को तगड़ा नुकसान हुआ।
डॉलर की मजबूती बनी दबाव की बड़ी वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक, कीमती धातुओं पर दबाव की एक प्रमुख वजह अमेरिकी डॉलर (US Dollar) की मजबूती है। छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला Dollar Index 0.33% की तेजी के साथ 96.60 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
मजबूत डॉलर आमतौर पर सोना और चांदी जैसी Safe Haven Assets के लिए नकारात्मक माना जाता है।
Federal Reserve को लेकर अटकलों का असर
बाजार पर असर डालने वाला एक और अहम कारण अमेरिका के Federal Reserve से जुड़ी अटकलें हैं। पूर्व फेड गवर्नर केविन वार्श (Kevin Warsh) को अगला फेड चेयरमैन बनाए जाने की चर्चाओं ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है।
वार्श को मौद्रिक नीति के मामले में हॉकीश (Hawkish) माना जाता है। यदि वे सख्त ब्याज नीति अपनाते हैं, तो डॉलर और मजबूत हो सकता है, जिससे सोना-चांदी पर और दबाव बनेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिए हैं कि वह फेड चेयर जेरोम पॉवेल के उत्तराधिकारी की घोषणा जल्द कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारी बिकवाली
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में तेज गिरावट दर्ज की गई।
- COMEX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी
19.30 डॉलर या 16.87% गिरकर 95.12 डॉलर प्रति औंस तक आ गई, जबकि इससे पहले इसने 121.78 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर बनाया था। - वहीं, COMEX पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना
392.1 डॉलर या 7.32% टूटकर 4,962.7 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। गुरुवार को ही इसने 5,626.8 डॉलर प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई बनाया था।
आगे बाजार की दिशा क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी की चाल Dollar Index, US Monetary Policy और वैश्विक आर्थिक संकेतों पर निर्भर करेगी। जब तक डॉलर मजबूत रहता है और ब्याज दरों में सख्ती के संकेत मिलते हैं, तब तक कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
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