
खान-पान की चीज़ों में मिलावट का खेल अब अंडे तक पहुँच चुका है, बाज़ार में ‘नकली अंडे’ या ‘प्लास्टिक एग्स’ की बढ़ती ख़बरों ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है, रसायनों और मशीनों की मदद से हूबहू असली जैसे दिखने वाले ये अंडे आपकी सेहत के लिए ‘साइलेंट किलर’ साबित हो सकते हैं, आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप घर बैठे असली और नकली अंडे की पहचान कर सकते हैं और इनके सेवन से शरीर को क्या नुकसान होते हैं।
खाद्य पदार्थों में मिलावट एक गंभीर समस्या है जो हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती हैबा, जार में कई तरह के मिलावटी सामान बेचे जा रहे हैं, जिनकी पहचान करना आम आदमी के लिए मुश्किल हो सकता है, यह जानना महत्वपूर्ण है कि आप जो खाना खा रहे हैं वह सुरक्षित और मिलावट रहित है या नहीं।
Table of Contents
खाद्य पदार्थों में मिलावट क्यों होती है?
मिलावट का मुख्य कारण अक्सर लाभ कमाना होता है, लोग सस्ते और हानिकारक पदार्थों को महंगे या शुद्ध खाद्य पदार्थों में मिलाकर बेचते हैं, इससे उत्पाद की लागत कम हो जाती है, लेकिन यह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करता है।
मिलावटी खाद्य पदार्थों से स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है?
मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें शामिल हैं:
- पाचन संबंधी समस्याएं: मिलावटी चीजें पेट दर्द, उल्टी और फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकती हैं।
- लिवर और किडनी को नुकसान: कुछ मिलावटी रसायन लिवर और किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों को धीरे-धीरे खराब कर सकते हैं।
- एलर्जी और त्वचा की समस्याएं: मिलावटी पदार्थों से एलर्जी और त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं।
- लंबे समय तक चलने वाली बीमारियां: कुछ मिलावटी पदार्थ कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं।
यह भी देखें: जिद्दी किराएदार से खाली कराना है मकान? पुलिस के चक्कर काटने के बजाय अपनाएं ये कानूनी रास्ता, तुरंत मिलेगा कब्जा
खाद्य पदार्थों की शुद्धता की पहचान कैसे करें?
कुछ आसान तरीकों से आप घर पर ही कुछ खाद्य पदार्थों की शुद्धता की जांच कर सकते हैं, हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सभी मिलावटों का पता लगाना संभव नहीं होता।
- रंग और बनावट देखें: असामान्य रंग, दानेदार बनावट या अजीब गंध मिलावट का संकेत हो सकती है।
- पानी का टेस्ट: कुछ पदार्थों (जैसे दूध) को पानी में डालकर उनकी शुद्धता का पता लगाया जा सकता है।
- ऊष्मा का टेस्ट: कुछ खाद्य पदार्थों को गर्म करने पर उनकी बनावट या गंध बदल जाती है, जिससे मिलावट का पता चल सकता है।
- फ्लोटिंग टेस्ट: कुछ मसालों या दालों को पानी में डालने पर मिलावटी पदार्थ तैरने लगते हैं।
सावधानी ही बचाव है
हमेशा विश्वसनीय दुकानों या विक्रेताओं से ही खरीदारी करें, पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर FSSAI का निशान जरुर देखें, यदि आपको किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट का संदेह हो, तो उसे इस्तेमाल न करें और इसकी सूचना स्थानीय खाद्य सुरक्षा विभाग को दें, FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) की वेबसाइट पर भी आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
















