देशभर में नेशनल हाईवे के आसपास जमीन की खरीद-फरोख्त पर सरकार ने सख्ती दिखाई है। सड़क विस्तार प्रोजेक्ट्स को तेज करने के लिए NHAI ने नया आदेश जारी किया, जिससे लाखों मालिकों की प्लानिंग पर पानी फिर गया। अब बिना मंजूरी कोई डील नहीं चलेगी।

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प्रोजेक्ट स्पीड-अप के लिए बड़ा कदम
हाईवे चौड़ीकरण और एक्सप्रेसवे निर्माण में जमीन डील्स सबसे बड़ी बाधा बनती हैं। सरकार ने 75 मीटर के दायरे में पूरी तरह रोक लगा दी। इससे ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा और डेडलाइन पर प्रोजेक्ट पूरे होंगे। यह कदम सुरक्षा और डेवलपमेंट दोनों को मजबूत करेगा।
सबसे ज्यादा प्रभावित ये इलाके
विभिन्न राज्यों में NH साइट्स पर फोकस रहा:
- छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में फोरलेन सड़कें।
- उत्तर प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे रूट्स पर दर्जनों गांव।
- हरियाणा और अन्य जगहों पर शहर-नजदीक कॉलोनियां।
| राज्य | मुख्य प्रभावित क्षेत्र |
|---|---|
| छत्तीसगढ़ | फोरलेन NH साइट्स |
| उत्तर प्रदेश | एक्सप्रेसवे गांव |
| हरियाणा | स्लम कॉलोनी NH |
नियम भंग करने की सजा साफ
बिना NHAI की NOC रजिस्ट्री या नामांतरण अमान्य। जुर्माना लगेगा, डील कैंसल होगी और कानूनी कार्रवाई संभव। निर्माण पर भी तुरंत रोक, अलग पेनल्टी।
प्रॉपर्टी ओनर्स की परेशानी क्यों?
कीमतें आसमान छू रही हैं, लेकिन डील्स अटक गईं। किसान, डीलर और निवेशक सबसे ज्यादा चिंतित। पुरानी अधिग्रहित जमीन 5 साल बाद लौटाने का पुराना वादा भी अब सवालों के घेरे में।
अब क्या करें मालिक?
स्थानीय तहसील या NHAI पोर्टल चेक करें। मंजूरी के लिए अप्लाई करें, लीगल सलाह लें। मुआवजा समय पर क्लेम करें ताकि नुकसान न हो। प्रोजेक्ट खत्म होने पर मौके मिलेंगे।
















