
आधुनिक जीवनशैली और खान-पान की आदतों में बदलाव के कारण कई लोग स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं हमारे आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रोटी है, और इसके लिए सही अनाज का चुनाव हमारे स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, सादे गेहूं के आटे की रोटी के बजाय गेहूं और बेसन के मिश्रित आटे का सेवन एक पौष्टिक विकल्प हो सकता है।
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गेहूं और बेसन का मिश्रण: पोषण के फायदे
बेसन (चने का आटा) प्रोटीन और फाइबर का एक अच्छा स्रोत माना जाता है। जब इसे गेहूं के साथ मिलाया जाता है, तो यह मिश्रण आपके भोजन में इन पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ा सकता है, फाइबर पाचन स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है और तृप्ति की भावना को बढ़ाने में मदद कर सकता है, प्रोटीन शरीर के निर्माण और मरम्मत के लिए आवश्यक है।
आटे का अनुपात
अपनी आहार संबंधी आवश्यकताओं और स्वाद के अनुसार, गेहूं और बेसन को अलग-अलग अनुपातों में मिलाया जा सकता है। कुछ लोग थोड़ी मात्रा में बेसन मिलाना पसंद करते हैं, जबकि अन्य इसे बराबर मात्रा में मिलाते हैं।
मिश्रित आटे के संभावित फायदे
- पोषक तत्वों में वृद्धि: बेसन मिलाने से आटे की प्रोटीन और फाइबर सामग्री बढ़ सकती है।
- पाचन में सहायक: फाइबर की उपस्थिति पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है।
- तृप्ति की भावना: प्रोटीन और फाइबर आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकते हैं।
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विशेषज्ञों की सलाह
आहार में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले, खासकर यदि आपको कोई स्वास्थ्य संबंधी स्थिति है जैसे डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल, अपने डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से परामर्श करना हमेशा महत्वपूर्ण होता है, वे आपकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के आधार पर उचित सलाह दे सकते हैं, आटे की पौष्टिकता बढ़ाने के लिए गूंथते समय इसमें थोड़ी हल्दी, मेथी या पालक का प्रयोग किया जा सकता है।
















