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जनगणना 2026 का नोटिफिकेशन जारी: पहले चरण में पूछे जाएंगे 33 सवाल, पूरी लिस्ट यहां देखें

केंद्र सरकार ने जनगणना 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। पहले चरण में घर, परिवार, सुविधाएं, इंटरनेट और जाति से जुड़े 33 अहम सवाल पूछे जाएंगे। जानिए कब शुरू होगी प्रक्रिया और कौन-सी जानकारी देनी होगी।

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जनगणना 2026 का नोटिफिकेशन जारी: पहले चरण में पूछे जाएंगे 33 सवाल, पूरी लिस्ट यहां देखें
जनगणना 2026 का नोटिफिकेशन जारी: पहले चरण में पूछे जाएंगे 33 सवाल, पूरी लिस्ट यहां देखें

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 (Census 2027) की दिशा में पहला औपचारिक कदम उठा लिया है। गृह मंत्रालय की ओर से जनगणना के पहले चरण (Phase-1) का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही देशभर में जनगणना की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। यह चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक चलेगा और इसमें देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया जाएगा।

जनगणना का पहला चरण आमतौर पर हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस (House Listing & Housing Census) के रूप में जाना जाता है। इस चरण में नागरिकों से उनकी व्यक्तिगत पहचान से अधिक उनके घर, सुविधाओं और बुनियादी जीवन स्थितियों से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस चरण में कुल 33 प्रश्न शामिल होंगे, जिनका उद्देश्य देश की सामाजिक-आर्थिक संरचना को समझना है।

पहली बार इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जुटेगा जातिगत डेटा

सरकार पहले ही यह साफ कर चुकी है कि जनगणना 2027 में जाति से संबंधित आंकड़े (Caste Data) को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से एकत्र किया जाएगा। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार होगा जब आधिकारिक जनगणना में जातिगत जानकारी डिजिटल तरीके से दर्ज की जाएगी। इसे सामाजिक न्याय, कल्याणकारी योजनाओं और लक्षित नीतियों (Targeted Policies) के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है।

फेज-1 में पूछे जाने वाले 33 सवाल: पूरी सूची

जनगणना के पहले चरण में सवालों का फोकस घर की संरचना, सुविधाएं और परिवार की बुनियादी जानकारी पर रहेगा। नीचे वे सभी 33 प्रश्न दिए गए हैं, जो इस चरण में पूछे जाएंगे:

  1. भवन नंबर (नगर/स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर)
  2. जनगणना मकान नंबर
  3. मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
  4. मकान की दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
  5. मकान की छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
  6. जनगणना मकान का उपयोग
  7. मकान की वर्तमान हालत
  8. परिवार क्रमांक
  9. परिवार में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या
  10. परिवार के मुखिया का नाम
  11. परिवार के मुखिया का लिंग
  12. क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति (SC) / अनुसूचित जनजाति (ST) / अन्य से संबंधित है
  13. मकान के स्वामित्व की स्थिति
  14. परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या
  15. परिवार में रहने वाले विवाहित दंपतियों की संख्या
  16. पेयजल का मुख्य स्रोत
  17. पेयजल स्रोत की उपलब्धता
  18. प्रकाश (Lighting) का मुख्य स्रोत
  19. शौचालय की उपलब्धता
  20. शौचालय का प्रकार
  21. गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था
  22. स्नानघर की उपलब्धता
  23. रसोई और LPG/PNG कनेक्शन की उपलब्धता
  24. खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन
  25. रेडियो/ट्रांजिस्टर की उपलब्धता
  26. टेलीविजन की उपलब्धता
  27. इंटरनेट सुविधा
  28. लैपटॉप/कंप्यूटर
  29. टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्ट फोन
  30. साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड
  31. कार/जीप/वैन
  32. परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज
  33. मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी संप्रेषण के लिए)

इन सवालों के जरिए सरकार यह समझने की कोशिश करेगी कि देश में आवासीय स्थिति, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वच्छता, ऊर्जा उपयोग (Energy Usage) और जीवन स्तर किस स्तर पर है।

2021 में क्यों नहीं हो सकी थी जनगणना?

भारत में 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार हुआ जब तय समय पर जनगणना नहीं हो सकी। इससे पहले, दूसरे विश्व युद्ध या चीन-पाकिस्तान युद्ध जैसे कठिन दौर में भी जनगणना की प्रक्रिया जारी रही थी।

जनगणना किसी भी देश के लिए केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं होती, बल्कि यह नीति निर्माण, आर्थिक योजना, सामाजिक कल्याण योजनाओं और संसाधनों के वितरण का आधार होती है। जनगणना के टलने से कई सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, शहरी विकास, ग्रामीण योजनाओं और यहां तक कि Renewable Energy, शिक्षा व स्वास्थ्य से जुड़ी रणनीतियों पर भी असर पड़ा।

पिछली जनगणना: 2011 की झलक

भारत की पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जो देश की 15वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद सातवीं जनगणना थी। यह प्रक्रिया 9 फरवरी से 28 फरवरी 2011 तक चली थी। उस जनगणना का नारा था – “हमारी जनगणना, हमारा भविष्य”

अब 16 साल बाद होने जा रही नई जनगणना को भारत के बदलते सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य, डिजिटल इंडिया, शहरीकरण और टेक्नोलॉजी-आधारित योजनाओं के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

क्यों अहम है जनगणना 2027?

जनगणना 2027 के आंकड़े आने वाले वर्षों में नीतियों, बजट आवंटन, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़े फैसलों की नींव रखेंगे। यही वजह है कि सरकार इसे समयबद्ध और तकनीक-आधारित तरीके से पूरा करने पर जोर दे रही है।

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