भारतीय शिक्षा परिषद (CISCE) ने अपने आगामी सत्र के लिए 9वीं से 12वीं कक्षा तक के सिलेबस और परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों की घोषणा की है। नई पहल का उद्देश्य छात्रों को केवल रटने की बजाय समझ के साथ सीखने के लिए प्रेरित करना है। इस फैसले को सिलिगुड़ी में आयोजित एक बैठक के दौरान अंतिम रूप दिया गया, जिसमें बिहार और झारखंड के कई स्कूलों के प्रधानाचार्य और बोर्ड अधिकारी मौजूद थे।

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कई विषयों का सिलेबस बदला
CISCE बोर्ड ने बताया कि अब बायोलॉजी, केमेस्ट्री, हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, मैथ्स, अकाउंट्स, कॉमर्स और सोशियोलॉजी जैसे प्रमुख विषयों का सिलेबस संशोधित किया गया है। यह नया सिलेबस छात्रों की समझ, विश्लेषण क्षमता और वास्तविक ज्ञान पर केंद्रित रहेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थी विषय को सिर्फ परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उपयोगी दृष्टिकोण से पढ़ें।
अब परीक्षा में पूछे जाएंगे सोच-आधारित प्रश्न
नई परीक्षा प्रणाली में अब 50 प्रतिशत प्रश्न ऐसे होंगे, जो छात्रों की क्रिटिकल थिंकिंग और योग्यता का परीक्षण करेंगे। यानी विद्यार्थी को सिर्फ याद करने की नहीं, बल्कि समझने और तर्क के साथ जवाब देने की आवश्यकता होगी। शिक्षा जगत के अनुसार, यह परिवर्तन छात्रों के समग्र विकास के लिए एक प्रभावी कदम साबित होगा, क्योंकि इससे उनकी तार्किक क्षमता और समस्या समाधान कौशल में सुधार आएगा।
इंप्रूवमेंट परीक्षा में मिलेगा अतिरिक्त मौका
CISCE बोर्ड ने इंप्रूवमेंट परीक्षा को लेकर भी अहम निर्णय लिया है। अब ICSE (10वीं) और ISC (12वीं) के छात्र अपने तीन विषयों में पुन: परीक्षा दे सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल दो विषयों तक सीमित थी, लेकिन अब अधिक विषयों में सुधार का अवसर मिलेगा। यह परीक्षा हर साल जुलाई में आयोजित की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को अपने अंक बेहतर करने और भविष्य की तैयारी के लिए एक और मौका मिलेगा।
छात्रों के लिए बड़े फायदे
इस बदलाव से शिक्षा का बोझ कम होगा और प्रतिस्पर्धा के दबाव के बावजूद छात्रों को अपनी क्षमताओं को परखने का बेहतर मौका मिलेगा। आधुनिक शिक्षण पद्धति की दिशा में यह कदम बोर्ड के दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सुधार छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए अधिक तैयार करेंगे। इसके माध्यम से शिक्षा केवल किताबों तक सीमित न रहकर बुद्धि, तर्क, और वास्तविक ज्ञान पर केंद्रित होगी।
















