
अगर आप सड़क किनारे ठेला या कार्ट लगाकर खाने-पीने की चीजें बेचते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है, अब बिना वैध लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के खाद्य सामग्री बेचना भारी पड़ सकता है।
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भारी जुर्माने और जेल का प्रावधान
नए नियमों के मुताबिक, यदि कोई विक्रेता बिना लाइसेंस के काम करता पाया जाता है, तो उस पर 10 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, इतना ही नहीं, गंभीर उल्लंघन के मामलों में 6 महीने तक की जेल की सजा का भी प्रावधान किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता तक पहुँचने वाला भोजन सुरक्षित और मानक के अनुरूप हो।
किसे चाहिए रजिस्ट्रेशन और किसे लाइसेंस?
FSSAI ने विक्रेताओं की श्रेणी उनके सालाना टर्नओवर (सालाना कमाई) के आधार पर तय की है:
- ऐसे छोटे विक्रेता जिनका सालाना टर्नओवर 12 लाख रुपये से कम है, उन्हें अनिवार्य रूप से FSSAI रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
- जिन विक्रेताओं का सालाना कारोबार 12 लाख रुपये से अधिक है, उनके लिए राज्य या केंद्रीय लाइसेंस लेना अनिवार्य है।
इन नियमों का पालन है जरूरी
जुर्माने से बचने के लिए विक्रेताओं को निम्नलिखित शर्तों का पालन करना होगा:
- हर विक्रेता को अपने ठेले, कार्ट या दुकान पर 14 अंकों का रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस नंबर स्पष्ट रूप से दिखाना होगा।
- खाना बनाने की जगह पर स्वच्छता बनाए रखना और खाद्य मानकों का पालन करना अनिवार्य है।
कैसे करें आवेदन?
खाद्य विक्रेता लाइसेंस या पंजीकरण के लिए सरकारी पोर्टल FoSCoS (Food Safety Compliance System) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्रशासन की इस सख्ती का सीधा संदेश है कि अब स्ट्रीट फूड के व्यापार में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, यदि आप भी इस क्षेत्र से जुड़े हैं, तो तुरंत अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें ताकि कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
















