
राशन कार्ड धारकों के लिए फरवरी का महीना खुशियों की सौगात लेकर आ रहा है, सरकार की नई घोषणा के अनुसार, इस बार राशन की दुकानों पर केवल गेहूं और चावल ही नहीं, बल्कि आवश्यक खाद्य वस्तुओं का भी वितरण किया जाएगा, 2026 में खाद्य सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से प्रशासन ने वितरण प्रणाली में बड़े बदलाव किए हैं।
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फरवरी में क्या-क्या मिलेगा?
इस माह राशन कार्ड धारकों को उनके नियमित कोटे के गेहूं और चावल के साथ-साथ रिफाइंड सोयाबीन तेल, नमक और साबुत दाल के पैकेट भी दिए जाएंगे, यह योजना विशेष रुप से अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों के लिए लागू की गई है ताकि पोषक आहार की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
कोटेदार मना करे तो तुरंत उठाएं ये कदम
अक्सर देखा जाता है कि कई राशन डीलर (कोटेदार) स्टॉक खत्म होने या मशीन खराब होने का बहाना बनाकर राशन देने से मना कर देते हैं, यदि आपके साथ भी ऐसा होता है, तो अब चुप रहने की जरूरत नहीं है, आप निम्नलिखित तरीकों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
- उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल-फ्री नंबर पर तत्काल कॉल कर सकते हैं।
- उत्तर प्रदेश के निवासी fcs.up.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- यदि स्थानीय स्तर पर सुनवाई न हो, तो 1076 डायल कर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर मामला दर्ज कराएं।
- आप सीधे अपने तहसील के सप्लाई इंस्पेक्टर या जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) के कार्यालय में लिखित शिकायत भी दे सकते हैं।
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वितरण के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
- ई-पॉश रसीद: राशन लेने के बाद मशीन से निकलने वाली पर्ची जरूर मांगें।
- तौल की जांच: सुनिश्चित करें कि आपको पर्ची पर अंकित मात्रा के बराबर ही राशन मिल रहा है।
- डिस्प्ले बोर्ड: हर राशन की दुकान पर स्टॉक और मूल्य सूची का बोर्ड लगा होना अनिवार्य है, उसे जरूर देखें।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की कोताही बरतने वाले कोटेदारों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जा सकता है, अधिक जानकारी के लिए केंद्र सरकार के आधिकारिक NFSA पोर्टल पर लॉगिन करें।
















