
आजकल साइबर ठग इतने चालाक हो गए हैं कि पढ़े-लिखे लोग भी फंस रहे हैं। कल ही एक दोस्त का अकाउंट खाली हो गया – बस एक SMS पर भरोसा कर लिया। गृह मंत्रालय का I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) ने सारे स्मार्टफोन वालों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है। डिलीवरी या कूरियर के नाम पर नया स्कैम चल रहा है। एक छोटी सी गलती, और बैंक बैलेंस जीरो! चलो, स्टेप बाय स्टेप समझते हैं ये क्या है और कैसे बचें।
सोचो, तुम्हारा फोन बजता है। अनजान नंबर से कॉल – “सर, आपका पार्सल आ गया, लेकिन एड्रेस कन्फर्म कर लो। ये कोड डायल करो: 21123456789#”। तुम डायल कर देते हो। बस, हो गया काम! ये USSD कोड (जो * या # से शुरू होते हैं) तुम्हारी कॉल फॉरवर्डिंग ऑन कर देता है। अब बैंक का OTP, व्हाट्सएप वेरिफिकेशन, सब ठग के फोन पर चला जाता है। अगले 5 मिनट में UPI से पैसे उड़ जाते हैं। I4C कहता है, ये स्कैम पूरे देश में फैल रहा – खासकर छोटे शहरों में जहां लोग डिलीवरी ऐप्स ज्यादा यूज करते हैं।
Table of Contents
ये स्कैम कैसे फैलता है?
ठग पहले SMS भेजते हैं: “आपका Flipkart/Amazon पैकेज रेडी है, डिलीवरी रीशेड्यूल के लिए 21 नंबर डायल करें।” या व्हाट्सएप पर फर्जी ट्रैकिंग लिंक। तुम क्लिक करते हो या कोड डायल, तो बैकग्राउंड में फोन सेटिंग चेंज। 21 अनकंडीशनल फॉरवर्डिंग करता है – हर कॉल सीधे उनके पास। 61 नो-आंसर के लिए, 67 हिडन कॉलर आईडी के लिए। मेरे चाचा जी को ऐसा ही आया – सोचा कूरियर वाला है, डायल किया। रात को 50 हजार UPI से निकल गए। सुबह पता चला जब बैंक अलर्ट आया। ऐसे लाखों केस I4C को मिल रहे हैं।
कॉल फॉरवर्डिंग बंद कैसे करें?
अगर शक हो, फोन डायल पैड खोलो और ##002# डायल करो। ये मैजिक कोड सभी फॉरवर्डिंग (बिजी, अनरीचेबल, नो आंसर) एक झटके में ऑफ कर देता है। स्क्रीन पर ‘Forwarding deactivated’ आएगा। हर हफ्ते चेक करते रहो। I4C की सलाह – अनजान 21, 61, 62, 67 जैसे कोड कभी मत डायल। ये फोन की कैरियर सेटिंग्स हैंडल करते हैं, ठग इसका फायदा उठाते हैं।
और भी स्मार्ट तरीके से बचो इन ठगों से
- लिंक पर क्लिक मत करो: कूरियर SMS आया? आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर ट्रैकिंग नंबर डालो। फर्जी लिंक फिशिंग हैं।
- कॉल रिसीव मत करो अनजान से: डिलीवरी कन्फर्म? कंपनी का ऑफिशियल नंबर गूगल करो, खुद कॉल करो।
- OTP शेयर मत: कभी किसी को OTP मत दो, चाहे बैंक बोले।
- टू-फैक्टर चेक: UPI ऐप्स में बायोमेट्रिक ऑन रखो।
- फोन सिक्योर रखो: लेटेस्ट अपडेट्स इंस्टॉल, अज्ञात ऐप्स मत डाउनलोड।
I4C का अलर्ट 2026 के शुरुआत में आया, क्योंकि केस 30% बढ़ गए। स्मार्टफोन 100 करोड़ से ज्यादा हैं भारत में, सब टारगेट। खासकर 25-45 उम्र वाले, जो ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं।
शिकार हो गए तो क्या करें?
पैनिक मत करो! तुरंत 1930 पर कॉल करो – नेशनल साइबर हेल्पलाइन। या cybercrime.gov.in पर FIR दर्ज करो। बैंक को लॉक करवाओ, ट्रांजेक्शन डिटेल्स शेयर करो। 24 घंटे में पैसे रिकवर होने के चांस हाई। पुलिस भी अब AI से ट्रैक कर रही है।
भाई, ये अलर्ट इग्नोर मत करना। एक मिनट की सावधानी से लाखों बच सकते हैं। फोन सेटिंग्स चेक की? कमेंट में बताओ, और दोस्तों को शेयर करो। सुरक्षित रहो!
















