सर्दियों का मौसम शुरू होते ही पूरे देश में ठंड का असर दिखने लगता है। दिल्ली, लखनऊ और पटना जैसे शहरों में जब तापमान एक अंक में पहुंचता है, तो लोग अपने घरों में दुबक जाते हैं। वहीं हिमाचल और कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाती है। लेकिन इन सभी स्थानों के बीच भारत का एक ऐसा इलाका भी है, जहां ठंड की परिभाषा ही अलग है। यह जगह है – द्रास, जिसे भारत की सबसे ठंडी जगह कहा जाता है।

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कहां स्थित है द्रास
द्रास केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में स्थित एक छोटा सा कस्बा है, जो कारगिल से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर आता है। यह समुद्र तल से करीब 10,800 फीट ऊपर बसा हुआ है। पहाड़ों से घिरा यह इलाका सालभर ठंडे मौसम के लिए जाना जाता है। यहां का तापमान इतना नीचे चला जाता है कि स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही इसकी सर्दी का अनुभव कभी नहीं भूल पाते।
कितनी गिरती है ठंड
द्रास में सामान्य सर्दियों के दौरान तापमान -20°C से -25°C तक रहता है। कई बार यह -40°C तक भी पहुंच जाता है। इस समय इलाके में हर चीज़ बर्फ में बदल जाती है। घरों की छतें, पेड़, गाड़ियां और यहां तक कि नदी का पानी भी जम जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इतने कम तापमान में सांसों की भाप भी हवा में जमती महसूस होती है।
कठिन मौसम के बावजूद आबाद है यह कस्बा
भले ही मौसम बेहद कठोर हो, लेकिन द्रास पूरी तरह आबाद है। यहां करीब 22 हजार लोग रहते हैं, जिनमें बाल्टिक और नार्डिक मूल की जनजातियां प्रमुख हैं। ये लोग इस ठंडे वातावरण में जीवन जीने के लिए पीढ़ियों से अनुकूलित हो चुके हैं। उनके पारंपरिक कपड़े, खानपान और घर बनाने की शैली सर्द मौसम के हिसाब से ढाली गई है।
द्रास तक पहुंचने के रास्ते
द्रास सड़क मार्ग से कारगिल और श्रीनगर से जुड़ा हुआ है। सर्दियों के दौरान बर्फबारी से रास्ते बंद हो जाते हैं, लेकिन गर्मियों में यह मार्ग बेहद खूबसूरत होता है। निकटतम हवाई अड्डे लेह और श्रीनगर में हैं, जहां से टैक्सी या बस द्वारा द्रास पहुंचा जा सकता है। अगर आप रेल यात्रा करना चाहते हैं, तो सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन जम्मू तवी है, जो लगभग 386 किलोमीटर की दूरी पर है।
द्रास के पास घूमने योग्य स्थल
द्रास सिर्फ ठंड के लिए नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां द्रास वॉर मेमोरियल सबसे प्रमुख आकर्षण है, जो कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों की याद में बनाया गया है। इसके अलावा जोजिला पास, मुश्को वैली और द्रौपदी कुंड जैसी जगहें भी देखने लायक हैं। गर्मियों में यहां की हरियाली और नीला आसमान पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
क्यों खास है द्रास
द्रास को भारत की “शीत राजधानी” कहा जा सकता है। यहां की ठंडी हवाएं, शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता हर यात्री को एक अनोखा अनुभव देती हैं। यह जगह न सिर्फ यात्रियों के लिए रोमांचक है, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे इंसान कठिन परिस्थितियों में भी जीवन को संतुलित रख सकता है।
















