
आज के समय में, रोजगार की तलाश में लोग अक्सर बड़े शहरों का रुख करते हैं। लेकिन बेगूसराय की रहने वाली विभक देवी ने घर से ही छोटा बिजनेस शुरू कर अपने आत्मनिर्भर बनने की मिसाल पेश की है। महज 10 से 15 हजार रुपये की प्रारंभिक लागत में शुरू हुआ यह ऑनलाइन और फोटोकॉपी-संबंधित काम आज रोजाना 400 रुपये से अधिक की आमदनी दिला रहा है।
यह कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि उन लोगों के लिए भी उदाहरण है जो कम पूंजी में अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। खासतौर पर उन महिलाओं के लिए, जिन्होंने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लाभ लिया पर बिजनेस शुरू नहीं कर पाईं।
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मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बनी सहारा
विभक देवी ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (Chief Minister Mahila Rozgar Yojana) के तहत 10 हजार रुपये की सहायता राशि मिली थी। इस राशि में थोड़ी सी खुद की पूंजी जोड़कर उन्होंने फोटोकॉपी मशीन, प्रिंटर और कंप्यूटर खरीदा।
शुरुआत में लोगों को लगता था कि गांव में इस तरह का व्यवसाय चलाना मुश्किल होगा। लेकिन धीरे-धीरे, विभक देवी ने भरोसेमंद सेवाओं और सस्ती दरों के कारण ग्राहकों का विश्वास जीत लिया।
व्यवसाय की विस्तार और सेवाएँ
विभक देवी के व्यवसाय में निम्नलिखित सेवाएँ शामिल हैं:
- फोटोकॉपी-Copy Services
- फोटो प्रिंट-Photo Printing
- आधार कार्ड और पैन कार्ड संबंधी सेवाएँ
- बैंक और ऑनलाइन दस्तावेजों की प्रक्रिया-Online Banking Services
उन्होंने बाजार की तुलना में कम दर पर सेवाएँ प्रदान की। उदाहरण के लिए, जहां बाजार में फोटोकॉपी के लिए 5 रुपये लिए जाते हैं, वहीं विभक देवी केवल 4 रुपये में यह सेवा उपलब्ध कराती हैं।
इस रणनीति के कारण धीरे-धीरे उनके ग्राहकों की संख्या बढ़ती गई।
ग्राहक अनुभव और गांव में बदलाव
उनके व्यवसाय का लाभ उठाने वालों में से रामरेखा देवी ने बताया कि उन्हें पासबुक अपडेट के लिए आधार कार्ड की फोटोकॉपी की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि यहां काम जल्दी और सस्ते में हो जाता है, इसलिए गांव के लोग यही पसंद करते हैं।
विभक देवी के अनुसार, रोजाना 400 रुपये से अधिक की कमाई आसानी से हो जाती है। भीड़ के दिनों में यह आमदनी इससे भी अधिक हो सकती है।
यह आमदनी न केवल उनके परिवार की जरूरतें पूरी कर रही है, बल्कि भविष्य के लिए बचत का भी अवसर प्रदान कर रही है। विभक देवी का कहना है कि थोड़ी और मेहनत और योजनाबद्ध विस्तार से उनकी दुकान को छोटी स्टेशनरी शॉप और फिर बड़ा व्यवसाय-Expanded Business में बदला जा सकता है। इससे यह स्थायी और सम्मानजनक आमदनी का स्रोत बन जाएगा।
घर से व्यवसाय करने की प्रेरणा
विभक देवी की कहानी यह साबित करती है कि मजबूत इरादे, सही योजना और थोड़ी मेहनत से घर से शुरू हुआ छोटा व्यवसाय भी आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आमदनी का रास्ता बन सकता है।
उनका यह अनुभव आज गांव की अन्य महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। महिलाएं अब खुद का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनने के महत्व को समझ रही हैं।
सीख और सुझाव
- कम पूंजी से व्यवसाय-Start Small: 10-15 हजार रुपये में भी व्यवसाय शुरू किया जा सकता है।
- सस्ती दरें-Competitive Pricing: ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए उचित मूल्य निर्धारण महत्वपूर्ण है।
- विविध सेवाएँ-Variety of Services: फोटोकॉपी, प्रिंटिंग और ऑनलाइन सेवाएँ मिलाकर व्यवसाय को बढ़ाया जा सकता है।
- स्थायी विकास-Long-term Planning: धीरे-धीरे व्यवसाय का विस्तार करके स्थायी आमदनी का स्रोत बनाया जा सकता है।
विभक देवी की कहानी यह स्पष्ट करती है कि यदि इच्छाशक्ति और योजनाबद्ध मेहनत हो, तो सीमित संसाधनों के साथ भी आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है।
















