
उत्तर प्रदेश की दो प्रमुख औद्योगिक राजधानियों, लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर अब और भी सुगम और तेज होने जा रहा है, बहुप्रतीक्षित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (NE-6) के निर्माण कार्य में एक बड़ी बाधा दूर हो गई है, परियोजना के मार्ग में आने वाली हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों को शिफ्ट करने का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है, जिससे अब इस प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
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40 मिनट में तय होगी 63 किमी की दूरी
वर्तमान में लखनऊ से कानपुर जाने में यात्रियों को भारी ट्रैफिक और जाम के कारण 2 से 3 घंटे का समय लगता है। इस 63 किलोमीटर लंबे 6-लेन एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह समय घटकर मात्र 40 से 45 मिनट रह जाएगा, यह एक्सप्रेसवे न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि दोनों शहरों के बीच लॉजिस्टिक्स और व्यापार को भी नई गति प्रदान करेगा।
ट्रांसमिशन लाइन शिफ्टिंग के लिए लिया गया शटडाउन
दिसंबर 2025 के ताजा अपडेट के अनुसार, लखनऊ के स्कूटर इंडिया चौराहे के पास स्थित 400 KV की हाई-टेंशन लाइनों को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसके लिए बिजली विभाग द्वारा विशेष शटडाउन लिया गया है, निर्माण एजेंसी NHAI के अनुसार, लाइन शिफ्टिंग का यह काम पूरा होते ही एलिवेटेड सेक्शन के अंतिम चरण का निर्माण तेजी से पूरा किया जा सकेगा।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं और वर्तमान स्थिति
- प्रगति: एक्सप्रेसवे का लगभग 95% सिविल निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
- 3D AMG तकनीक: यह देश का पहला प्रोजेक्ट है जिसमें निर्माण की सटीकता के लिए 3D ऑटोमैटिक मशीन-गाइडेड तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
- एलिवेटेड और ग्रीनफील्ड: इस मार्ग में 18 किमी का हिस्सा एलिवेटेड है, जबकि बाकी 45 किमी का हिस्सा ग्रीनफील्ड (नया मार्ग) है।
- डेडलाइन: हालांकि शुरुआती लक्ष्य 2025 का था, लेकिन वर्तमान प्रगति को देखते हुए मार्च 2026 तक इसे पूरी तरह जनता के लिए खोलने की तैयारी है।
कनेक्टिविटी का नया हब
यह एक्सप्रेसवे लखनऊ के शहीद पथ से शुरू होकर उन्नाव के रास्ते कानपुर के आजाद चौराहे (गंगा पुल के पास) तक जाएगा, यह मार्ग उन्नाव में बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे दिल्ली और प्रयागराज की ओर जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से उत्तर प्रदेश के “इंडस्ट्रियल कॉरिडोर” को मजबूती मिलेगी और लखनऊ-कानपुर के बीच रियल एस्टेट सेक्टर में भी भारी उछाल देखने को मिलेगा।
















