Join Youtube

Dairy Farming Tips: सर्दियों में बिना महंगा दाना खिलाए गाय-भैंस देंगी ज्यादा दूध, एक्सपर्ट का आसान फार्मूला अपनाएं

सर्दियों में पशुओं से बेहतर दूध उत्पादन के लिए उनका स्वस्थ और पोषित रहना बेहद जरूरी है। किसान घर पर ही हरा चारा, भूसा, चोकर और खनिज मिश्रण से सस्ता व पौष्टिक आहार तैयार कर सकते हैं। गुनगुना पानी, संतुलित भोजन और उचित देखभाल से पशुओं की सेहत सुधरती है और दूध उत्पादन 20% तक बढ़ सकता है।

Published On:
Dairy Farming Tips: सर्दियों में बिना महंगा दाना खिलाए गाय-भैंस देंगी ज्यादा दूध, एक्सपर्ट का आसान फार्मूला अपनाएं
Dairy Farming Tips: सर्दियों में बिना महंगा दाना खिलाए गाय-भैंस देंगी ज्यादा दूध, एक्सपर्ट का आसान फार्मूला अपनाएं 2

सर्दियों के मौसम में जहां तापमान गिरने से इंसानों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है, वहीं पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर भी इसका सीधा असर पड़ता है। ठंड का मौसम गाय-भैंस जैसे डेयरी पशुओं के लिए चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि इस समय शरीर की ऊर्जा का बड़ा हिस्सा तापमान संतुलित रखने में खर्च हो जाता है। ऐसे में यदि उन्हें उचित पोषण और ऊर्जा से भरपूर आहार न मिले, तो दूध उत्पादन में कमी आ जाती है।

सर्दियों में दूध उत्पादन क्यों घट जाता है

सर्दी के मौसम में पशुओं का शरीर तापमान बनाए रखने के लिए अधिक ऊर्जा खर्च करता है। इस कारण दूध उत्पादन के लिए आवश्यक पोषक तत्व शरीर को पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते। यदि इस दौरान उनका खानपान संतुलित न हो, तो दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होती हैं। इसलिए इस मौसम में पशुओं को ऐसा चारा दिया जाना चाहिए, जो न सिर्फ पेट भरे बल्कि उन्हें पोषण भी दे सके।

डेयरी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसान थोड़ा ध्यान दें, तो घर पर तैयार किया गया सस्ता और पोषक आहार भी दूध उत्पादन में बेहद मददगार साबित हो सकता है।

घर पर तैयार करें पौष्टिक आहार

पशुपालक चाहें तो थोड़ी समझ और कुछ स्थानीय सामग्री की मदद से अपने खेत या घर पर ही पौष्टिक पशु आहार तैयार कर सकते हैं। इसके लिए महंगे रेडीमेड फीड या मार्केट से मिलने वाले पूरक पर पूरी तरह निर्भर रहने की जरूरत नहीं होती।

संतुलित आहार तैयार करने के लिए मुख्य घटक:

  • हरी चारा (Green Fodder): जौ, बरसीम, नेपियर घास या चारा मक्का जैसी फसलें।
  • सूखी चारा (Dry Fodder): भूसा या सूखा पुआल, जो रफेज (Roughage) देता है और पाचन सुधारता है।
  • कंसन्ट्रेट फीड (Concentrate Feed): दलिया, चोकर, सरसों खल, और गेहूं या मक्का का आटा।
  • खनिज मिश्रण (Mineral Mixture): दूध बढ़ाने और कैल्शियम-फॉस्फोरस संतुलन बनाए रखने के लिए ज़रूरी है।

कृषि विशेषज्ञों का सुझाव है कि संतुलित अनुपात में तैयार किया गया आहार न केवल दूध की मात्रा बढ़ाता है, बल्कि दूध में फैट और SNF (Solid Not Fat) की मात्रा भी सुधारता है।

सर्दियों में खिलाने का सही शेड्यूल

पशु को ठंड में सही समय पर और उचित मात्रा में भोजन देना बहुत ज़रूरी है।

  1. सुबह: गुनगुना पानी और थोड़ी मात्रा में कंसन्ट्रेट फीड दें।
  2. दोपहर: हरा चारा और सूखा भूसा मिला कर खिलाएं।
  3. शाम: दूध दोहने से पहले थोड़ी मात्रा में फिर से कंसन्ट्रेट दें।
  4. रात: भरपूर सूखा चारा और मिनरल मिक्सचर मिलाकर दें ताकि रातभर ऊर्जा बनी रहे।

इस नियमित शेड्यूल से पशुओं का शरीर गर्म रहता है और उनका पाचन क्रियाशील बना रहता है।

ऊर्जा और पानी की भरपाई जरूरी

ठंड के मौसम में पशु कम पानी पीते हैं, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए उन्हें हल्का गुनगुना पानी दिन में दो से तीन बार जरूर पिलाएं। इससे न केवल दूध की मात्रा में सुधार होगा बल्कि मास्टाइटिस (थन की सूजन) जैसी समस्याओं से भी बचाव होगा।

साथ ही, शरीर की ऊर्जा बनाए रखने के लिए चारे में मक्का दाना, गुड़ या तेलीय पदार्थ मिलाना लाभकारी रहता है। यह पशु के शरीर में गर्मी बनाए रखता है और दूध उत्पादन को स्थिर रखता है।

आश्रय और देखभाल पर भी दें ध्यान

आहार के साथ-साथ पशुओं के रहने का स्थान भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्हें ठंडी हवा और नमी से बचाने के लिए गोशाला को सूखा और गर्म बनाए रखें।

  • फर्श पर सूखी बिछावन (भूसा या सूखी पत्तियां) रखें।
  • रात में दरवाजे या खिड़कियां बंद रखें लेकिन वेंटिलेशन बना रहे।
  • छोटे बछड़ों को कंबल या बोरी से ढककर रखें ताकि ठंड से बचाव हो सके।

समुचित पोषण से बढ़ेगा दूध और आय

जब पशुओं को संतुलित आहार और अच्छी देखभाल मिलती है, तो उनका स्वास्थ्य तो बेहतर होता ही है, साथ ही दूध की मात्रा में भी 10-20% तक की वृद्धि देखी जाती है। इससे किसान की कमाई बढ़ती है और पशुओं का जीवन भी अधिक स्वस्थ रहता है।कृषि विज्ञान केंद्रों के विशेषज्ञ किसानों को सलाह देते हैं कि वे समय-समय पर अपने इलाके के डेयरी तकनीकी सलाहकारों या पशु चिकित्सा विभाग से संपर्क कर अपने पशुओं के लिए उचित राशन फॉर्मूला बनवाएं।

Leave a Comment

अन्य संबंधित खबरें

🔥 वायरल विडिओ देखें