
देश में आम बजट 2026 की तैयारियों के बीच आम आदमी की जेब पर बड़ा बोझ पड़ने की सुगबुगाहट तेज हो गई है, ताजा रिपोर्ट्स और बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, 1 फरवरी 2026 से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 से 4 रुपये प्रति लीटर (कुछ अनुमानों के अनुसार ₹5 तक) की बढ़ोतरी की प्रबल संभावना है।
Table of Contents
उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में बढ़ोतरी की संभावना
ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) की एक हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार आगामी बजट में ईंधन पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) बढ़ाने का फैसला ले सकती है, सरकार इस कदम के जरिए राजस्व जुटाने की रणनीति पर काम कर रही है।
कीमतों में बढ़ोतरी के 3 मुख्य कारण
- राजस्व लक्ष्य: उत्पाद शुल्क में 3-4 रुपये की मामूली बढ़ोतरी से सरकारी खजाने में सालाना लगभग ₹50,000 से ₹70,000 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व आने का अनुमान है, जो राजकोषीय घाटे को कम करने में सहायक होगा।
- तेल कंपनियों का बढ़ता मार्जिन: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent crude) की कीमतें फिलहाल $61 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, इससे तेल विपणन कंपनियों (OMCs) का मार्केटिंग मार्जिन काफी बढ़ गया है। सरकार इस मार्जिन का एक हिस्सा टैक्स के रूप में वसूलने की योजना बना सकती है।
- बजट रणनीति: सरकार पहले ही 1 फरवरी से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने के संकेत दे चुकी है। राजस्व वृद्धि के लिए ईंधन पर टैक्स बढ़ाना सरकार के लिए एक बड़ा विकल्प माना जा रहा है।
यह भी देखें: Russian Missiles: रूस की मिसाइलों की क्षमता – अमेरिका तक पहुंचने वाली खतरे की मिसाइलों का विश्लेषण
वर्तमान में ईंधन की स्थिति
फिलहाल देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं:
- नई दिल्ली: ₹94.77 प्रति लीटर
- मुंबई: ₹103.54 प्रति लीटर
- बेंगलुरु: ₹99.84 प्रति लीटर
- चेन्नई: ₹100.85 प्रति लीटर
हालांकि, कुछ विशेषज्ञ यह भी तर्क दे रहे हैं कि कच्चे तेल की गिरती कीमतों को देखते हुए कीमतों में कटौती की भी गुंजाइश है, लेकिन बजट से पहले राजस्व बढ़ाने की सरकार की प्राथमिकता को देखते हुए उत्पाद शुल्क में वृद्धि की संभावना अधिक नजर आ रही है, 1 फरवरी को बजट पेश होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।
















