
यह नया साल उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी लेकर आया है। विद्युत विभाग ने राज्यभर में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर और नए कनेक्शन की कीमतों में भारी कटौती की घोषणा की है। 1 जनवरी 2026 से लागू नई दरों के तहत अब उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन के लिए पहले की तुलना में आधे से भी कम भुगतान करना होगा।
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सिंगल फेज और थ्री फेज कनेक्शन के रेट घटे
ऊर्जा विभाग के मुताबिक, अब सिंगल फेज का नया स्मार्ट प्रीपेड बिजली कनेक्शन मात्र ₹2800 में मिलेगा, जो पहले ₹6000 तक का था। वहीं, अगर कोई उपभोक्ता तीन फेज का कनेक्शन लेना चाहता है तो उसे अब सिर्फ ₹4100 रुपये देने होंगे, जबकि पहले इसकी लागत ₹11300 रुपये से अधिक थी। यह फैसला आम उपभोक्ताओं पर बिजली कनेक्शन का आर्थिक बोझ कम करने के लिए लिया गया है।
नई दरों के साथ अब उपभोक्ताओं को फिक्स्ड चार्ज के आधार पर बिजली कनेक्शन मिलेगा। इससे बिलिंग पारदर्शी और सरल होगी, जिससे हर ग्राहक को यह समझने में आसानी होगी कि उसके बिजली खर्च का हिसाब कैसे बन रहा है।
बिजली कनेक्शन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
विद्युत नियामक आयोग ने फिक्स्ड चार्ज सिस्टम में सुधार करते हुए नए कनेक्शन के लिए अलग से इस्टीमेट बनाने की प्रक्रिया को समाप्त कर दिया है। अब यदि कोई उपभोक्ता अपने घर तक 300 मीटर की दूरी तक बिजली कनेक्शन लेना चाहता है और उसका लोड 150 किलोवाट से कम है, तो उसे किसी अतिरिक्त अनुमान या खर्च की आवश्यकता नहीं होगी।
नई दरों के अनुसार—
- 100 मीटर तक के कनेक्शन (2 किलोवॉट लोड) पर केवल ₹5500 एकमुश्त चार्ज लगेगा।
- 300 मीटर की दूरी पर यह शुल्क ₹7555 तय किया गया है।
पहले जहां ट्रांसफार्मर, खंभे और तार बिछाने के नाम पर ₹10,000 से ₹20,000 तक का अतिरिक्त खर्च उपभोक्ता पर डाला जाता था, वहीं अब यह पूरा सिस्टम बदल गया है।
गरीब और बीपीएल उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत
नए नियमों के तहत गरीबी रेखा से नीचे के (BPL) उपभोक्ताओं को विशेष राहत दी गई है। अब उन्हें किसी भी तरह की प्रोसेसिंग फीस या सिक्योरिटी मनी नहीं देनी होगी। यदि कोई गरीब परिवार 100 मीटर तक का कनेक्शन लेना चाहता है, तो उसे केवल ₹500 एडवांस देना होगा।
बाकी राशि बिजली बिल में 45 रुपये की मासिक किस्तों के रूप में अगले 12 महीनों में वसूली जाएगी। सिंगल फेज कनेक्शन लेने वाले बीपीएल ग्राहक को ₹2800 मीटर चार्ज दो किस्तों में चुकाने होंगे, प्रारंभिक आवेदन के समय ₹1000 और शेष रकम 24 महीनों की आसान किस्तों में।
एनर्जी रेगुलेटरी कमीशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसी बस्तियों में, जहां बिजली लाइनें अभी निर्माणाधीन हैं, वहां लोगों से कंबे और वायरिंग के नाम पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा, सिर्फ मीटर चार्ज देना होगा।
हाईराइज बिल्डिंग और मल्टी पॉइंट कनेक्शन में सुधार
उत्तर प्रदेश की तेजी से बढ़ती शहरी आबादी को देखते हुए आयोग ने हाईराइज सोसायटीज के लिए मल्टी-पॉइंट कनेक्शन सिस्टम में भी सुधार किया है। अब 11 किलोवॉट वोल्टेज पर जारी लोड सीमा को 3 एमवीए से बढ़ाकर 4 एमवीए कर दिया गया है। इसके अलावा, Advanced Metering Infrastructure (AMI) के विकास या ऑपरेशन के नाम पर नए ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
एक ही 25 केवीए ट्रांसफार्मर से कनेक्शन लेने वाले PTW ग्राहकों के लिए शुल्क अब 50% से घटाकर 33% कर दिया गया है। वहीं, 16 केवीए या 10 केवीए ट्रांसफार्मर से जुड़ने वाले उपभोक्ताओं को भी कम दरों का लाभ दिया जाएगा।
डिजिटल पेमेंट और बैंक गारंटी की सुविधा
20 लाख रुपये से अधिक की सिक्योरिटी मनी के मामलों में अब ग्राहकों को बैंक गारंटी या ई-बैंक गारंटी के माध्यम से भुगतान करने की सुविधा मिलेगी। यह कदम बिजली उपभोक्ताओं के लिए अधिक पारदर्शी और सुरक्षित विकल्प प्रदान करेगा।
उपभोक्ताओं को वास्तविक फायदा
इन बदलावों से न केवल बिजली कनेक्शन की लागत घटेगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को कनेक्शन लेने में पारदर्शिता और सरलता मिलेगी। NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में, जहां नए आवास प्रोजेक्ट तेजी से विकसित हो रहे हैं, यह सुधार पावर कनेक्शन प्रक्रिया को बेहद आसान बना देगा।
साफ है कि यह कदम न केवल आम जनता के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि सरकार की “हर घर तक बिजली पहुंचाने” की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।
















