
केंद्र सरकार ने पशुपालन क्षेत्र की कायापलट करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए बजट 2026-27 में ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए रोडमैप के अनुसार, अब पशुओं के इलाज के लिए किसानों को दूर नहीं भटकना होगा, सरकार ने देश भर में 20,000 से अधिक पशु चिकित्सा पेशेवरों को प्रशिक्षित और तैनात करने का लक्ष्य रखा है।
Table of Contents
हर गांव तक पहुंचेगी मेडिकल सुविधा
पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए सरकार ने बुनियादी ढांचे पर फोकस किया है, बजट में यह स्पष्ट किया गया है कि पशु चिकित्सा और पैरा-पशु चिकित्सा कॉलेजों के साथ-साथ निजी पशु अस्पतालों और डायग्नोस्टिक लैब की स्थापना के लिए क्रेडिट-लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी (Loan-linked capital subsidy) प्रदान की जाएगी।
न्यूज की मुख्य झलकियां
- 20,000 पशु चिकित्सकों और सहायकों की भर्ती से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
- नए पशु चिकित्सा अस्पताल और प्रजनन केंद्र (Breeding Centers) खोलने पर सरकार आर्थिक मदद देगी।
- भारतीय संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करने का मौका मिलेगा, जिससे इलाज में आधुनिक तकनीक का समावेश हो सके।
- डेयरी क्षेत्र को संगठित करने के लिए पशुपालक उत्पादक संगठनों (FPOs) के गठन पर जोर दिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से न केवल दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि पशुओं की मृत्यु दर में भी कमी आएगी, जिससे सीधे तौर पर किसानों की आय में इजाफा होगा।
















