Join Youtube

UP School Admission: अब बच्चे का आधार नहीं, ‘अभिभावक’ का आधार कार्ड होगा जरूरी! DM की निगरानी में बदल गई पूरी प्रवेश प्रक्रिया

EWS बच्चों के लिए ऑनलाइन लॉटरी, 5000 रुपये मदद + 450/माह फीस। नर्सरी से कक्षा 1 तक आयु लिमिट तय। DM कमिटी मॉनिटर करेगी। स्कूल शुल्क न मांगे वरना एक्शन! जल्द अप्लाई करें – uprte.nic.in चेक करें।

Published On:
UP School Admission: अब बच्चे का आधार नहीं, 'अभिभावक' का आधार कार्ड होगा जरूरी! DM की निगरानी में बदल गई पूरी प्रवेश प्रक्रिया
UP School Admission: अब बच्चे का आधार नहीं, 'अभिभावक' का आधार कार्ड होगा जरूरी! DM की निगरानी में बदल गई पूरी प्रवेश प्रक्रिया 2

यूपी के पैरेंट्स के लिए खुशखबरी! अगर आपका बच्चा छोटा है और प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं लेकिन फीस की टेंशन है, तो RTE एक्ट का नया अपडेट आपके लिए गेम-चेंजर है। उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन दिलाने के लिए सुपर सिंपल नए नियम जारी किए हैं। सब कुछ ऑनलाइन, बिना झंझट। आइए, घर बैठे समझते हैं ये कैसे काम करेगा – जैसे कोई दोस्त बता रहा हो।

बच्चे का आधार नहीं, माता-पिता का काफी!

सबसे पहले ये जान लीजिए कि अब एडमिशन के लिए बच्चे का आधार नहीं, बल्कि मां-बाप में से किसी एक का आधार नंबर काफी है। आवेदन भरते वक्त अपना आधार डालें, और बैंक अकाउंट वो जो आधार से लिंक हो। इतना ही! बेसिक एजुकेशन डिपार्टमेंट के बड़े अफसर पार्थ सारथी सेन शर्मा ने खुद बताया कि ग्राम पंचायत या वार्ड चुनें, तो आसपास के टॉप 10 प्राइवेट स्कूलों की लिस्ट आ जाएगी। फिर ऑनलाइन लॉटरी से सीट मिलेगी। अगर पहली बार न मिले, तो अगले राउंड में ट्राई करें। जिला मजिस्ट्रेट की कमिटी सब मॉनिटर करेगी। चयनित होने पर SMS आएगा, RTE पोर्टल पर लिस्ट होगी, और दस्तावेज चेक के लिए ब्रांच जाएं। कितना आसान, ना?

5000 रुपये मदद + फीस फ्री

चयनित बच्चे को स्कूल यूनिफॉर्म, किताबें, कॉपी सब खरीदने के लिए 5000 रुपये की मदद मिलेगी। स्कूल फीस? वो सरकार देगी – हर महीने 450 रुपये प्रति बच्चा। कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं! अगर स्कूल एडमिशन न दे या पैसे मांगे, तो उसे पोर्टल पर वजह बतानी पड़ेगी, वरना सख्त एक्शन। बच्चे को बाकी स्टूडेंट्स से अलग नहीं रखा जाएगा, सब एक साथ पढ़ेंगे। सोचिए, गरीब घर का बच्चा प्राइवेट स्कूल में क्वालिटी एजुकेशन पा लेगा!

आयु लिमिट चेक करें

आयु लिमिट भी साफ है, ताकि बच्चा सही क्लास में जाए:

  • नर्सरी: 3 से कम 4 साल
  • एलकेजी: 4 से कम 5 साल
  • यूकेजी: 5 से कम 6 साल
  • कक्षा 1: 6 से कम 7 साल

ये नियम RTE एक्ट 2009 के तहत हैं, जो 25% सीटें EWS (इकोनॉमिकली वीकली सेक्शन) के लिए रिजर्व रखते हैं। यूपी में हर साल लाखों बच्चे इसका फायदा उठाते हैं। पुराने दिनों की तरह ब्रांच दौड़ना नहीं, सब डिजिटल। लेकिन सलाह है, नोटिफिकेशन आते ही uprte.nic.in या ऑफिशियल ऐप चेक करें। प्रोग्राम डिटेल्स जल्द जारी होंगी।

RTE के फायदे

फायदे गिनाओ तो खत्म न हों। प्राइवेट स्कूलों की बेहतर टीचर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, इंग्लिश मीडियम – सब फ्री। सरकार का मकसद है हर बच्चे को बराबर मौका। DM लेवल पर शिकायत कमिटी बनी रहेगी, तो प्रॉब्लम हो तो तुरंत रिपोर्ट। मैंने सुना है, पिछले साल ऐसे हजारों बच्चों को फायदा हुआ। लेकिन याद रखें, फर्जी डॉक्यूमेंट्स से बचें – वेरिफिकेशन स्ट्रिक्ट है।

एडमिशन सीजन शुरू!

अभी ये नए दिशानिर्देश हॉट टॉपिक हैं। अगर आपका इलाका ग्रामीण है, तो पंचायत से मदद लें। शहरों में वार्ड काउंसलर गाइड करेंगे। सरकार ट्रेंडिंग वीडियोज और ऐड्स से जागरूक कर रही है। पैरेंट्स, देर न करें – एडमिशन सीजन शुरू होने वाला है। ये स्कीम आपके बच्चे का फ्यूचर चमका सकती है। क्या आप अप्लाई करने वाले हैं? कमेंट में बताएं!

Leave a Comment

अन्य संबंधित खबरें

🔥 वायरल विडिओ देखें