उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने आगामी बोर्ड परीक्षा की तैयारी के तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों के लिए प्री-बोर्ड परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। इस बार परीक्षा का पूरा संचालन और आयोजन प्रत्येक जिले के जिला विद्यालय निरीक्षकों के हाथों में सौंपा गया है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि परीक्षा का आयोजन पूरी शुचिता और पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि विद्यार्थी मुख्य परीक्षा जैसी परिस्थिति से रूबरू हो सकें।

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जिलों को मिली स्वतंत्रता और जिम्मेदारी
बोर्ड ने सभी जिलों को उनकी सुविधा और संसाधनों के अनुसार परीक्षा की समय-सारणी बनाने के अधिकार दिए हैं। हर जिला अपनी स्थिति और व्यवस्थाओं के आधार पर परीक्षा कार्यक्रम तय कर सकता है, लेकिन इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता के लिए जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही के दायरे में आएंगे। बोर्ड का उद्देश्य यह है कि छात्रों को परीक्षा का वास्तविक अनुभव मिल सके और वे मानसिक रूप से तैयार हो सकें।
प्रयागराज में छह जनवरी से प्री-बोर्ड होगी शुरू
प्रयागराज जिले ने 6 जनवरी से परीक्षा कार्यक्रम घोषित किया है। पहले दिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों वर्गों के विद्यार्थियों की हिंदी परीक्षा आयोजित होगी। कुछ ऐसे विषय जैसे संगीत, जिनमें परीक्षार्थियों की संख्या बेहद कम है, उन्हें कार्यक्रम से फिलहाल बाहर रखा गया है। इस स्थिति को देखते हुए कई छात्रों और शिक्षकों में यह भ्रम बना कि क्या इन विषयों की परीक्षा नहीं होगी। इस पर बोर्ड ने यह स्पष्टीकरण दिया है कि विद्यालय यदि चाहें तो ऐसे विषयों की परीक्षा अपने स्तर से आयोजित कर सकते हैं।
प्रश्नपत्र वितरण व्यवस्था
यूपी बोर्ड ने प्रदेशभर के सभी जिलों को प्रश्नपत्रों के पैकेट विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार पहले ही भेज दिए हैं। प्रयागराज जिले में प्रश्नपत्रों का वितरण केंद्र जीआईसी से किया जा रहा है, जहां से विद्यालय अपने-अपने प्रश्नपत्र प्राप्त कर रहे हैं। प्रत्येक स्कूल को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रश्नपत्र सुरक्षित रूप से विद्यालय तक पहुंचें और परीक्षा से पहले उनकी सुरक्षा बनी रहे।
परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी विद्यालय स्तर पर किया जाएगा। शिक्षक मूल्यांकन के साथ विद्यार्थियों को उनकी तैयारी और सुधार के बिंदुओं के बारे में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। इससे छात्रों को अपनी कमजोरियों का पता चलेगा और वे मुख्य परीक्षा से पहले उन्हें सुधारने का अवसर पा सकेंगे।
तय कार्यक्रम में बदलाव की संभावना नहीं
कई विद्यालयों ने यह संभावना जताई थी कि प्रश्नपत्र वितरण में देरी के कारण परीक्षा की तिथियों में बदलाव हो सकता है, लेकिन जिला विद्यालय निरीक्षक पीएन सिंह ने यह स्पष्ट किया है कि परीक्षा निर्धारित कार्यक्रमानुसार ही आयोजित की जाएगी। जो विषय समय-सारणी में शामिल नहीं हैं, उनके लिए विद्यालय अपने स्तर पर अलग से परीक्षा आयोजित कर सकते हैं।
परीक्षा का संभावित कार्यक्रम
यूपी बोर्ड प्रयागराज जिले के लिए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 6 जनवरी को हिंदी, 7 जनवरी को अंग्रेजी, 8 जनवरी को गणित, गृह विज्ञान, जीव विज्ञान और इतिहास, 9 जनवरी को विज्ञान एवं भौतिक विज्ञान, 10 जनवरी को सामाजिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और भूगोल की परीक्षा होगी। 12 जनवरी को चित्रकला एवं अर्थशास्त्र, 13 जनवरी को संस्कृत, उर्दू एवं लेखाशास्त्र, 15 जनवरी को वाणिज्य, कंप्यूटर और संस्कृत, जबकि 16 जनवरी को इंटरमीडिएट की गृह विज्ञान परीक्षा संपन्न होगी।
विद्यार्थियों के लिए सुझाव
यूपी बोर्ड की यह पहल विद्यार्थियों के लिए अभ्यास और आत्ममूल्यांकन का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इन परीक्षाओं को हल्के में न लेकर पूरी गंभीरता से देने से विद्यार्थी न केवल परीक्षा के दबाव को समझ पाएंगे, बल्कि अपने कमजोर और मजबूत विषयों की पहचान भी कर सकेंगे। नियमित अध्ययन, पुनरावृत्ति और मॉडल पेपर हल करना उनकी तैयारी को और सुदृढ़ बनाएगा।
यह प्री-बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों के लिए मुख्य बोर्ड परीक्षा का पूर्वाभ्यास साबित होगी, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
















