उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में नए साल के आगमन के साथ ही सर्दी की लहर लगातार तेज होती जा रही है। पिछले तीन दिनों से पूरे क्षेत्र में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ रहा है। तापमान में गिरावट और दृश्यता बेहद कम होने के कारण प्रशासन ने 8वीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को अतिरिक्त अवकाश देने के निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी अरविंद एम. बंगारी ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए बताया कि मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

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सुबह से बना रहा घना कोहरा
शनिवार की सुबह आगरा शहर घने कोहरे की चादर में लिपटा नजर आया। दृश्यता इतनी कम थी कि सड़कों पर वाहन चालकों को हैजर्ड लाइट्स के सहारे सफर करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार सुबह के समय तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच पाया। तापमान में भारी गिरावट से दिनभर ठिठुरन बनी रही और लोग धूप का इंतजार करते दिखे।
यातायात व्यवस्था पर असर
कोहरे का असर रेलवे और बस यातायात दोनों पर साफ नजर आ रहा है। कई ट्रेनों का समय प्रभावित हुआ, जिसमें अवध एक्सप्रेस को छह घंटे की देरी से आगरा कैंट पहुंचना पड़ा। वहीं, बसों के संचालन पर भी बुरा असर देखा गया। कई रूटों पर बसें देर से रवाना हो सकीं या रोकी गईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य रखने और जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।
एयरफोर्स स्टेशन पर शून्य दृश्यता
कोहरे की घनी परत के कारण आगरा एयरफोर्स स्टेशन पर सुबह आठ बजे दृश्यता शून्य दर्ज की गई। हालांकि, दोपहर तक मौसम में थोड़ी सुधार आया और कोहरा कुछ हद तक छंटने के बाद हवाई उड़ानों का संचालन सामान्य हुआ। इसके बावजूद, सुबह के समय की स्थिति ने एयरपोर्ट और हवाई सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखा।
मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने आगरा और आसपास के जिलों के लिए अगले तीन दिनों तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। विभाग ने लोगों को सुबह-शाम unnecessary बाहर निकलने से बचने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता
ठंड और कोहरे के अलावा प्रदूषण ने भी आगरा की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। शहर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। धूलियागंज में AQI 500 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इसके अलावा कलाकृति, बाग फरजाना और संजय टॉकीज क्षेत्रों में भी AQI 350 से ऊपर पाया गया है। इस प्रदूषण और ठंड के मिश्रण से शहर के अस्पतालों में आंखों में जलन, खांसी और सांस की समस्या से जूझ रहे मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को अत्यधिक ठंड और प्रदूषण दोनों से बचाव करने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुबह के समय बाहर न निकलें, गुनगुने पानी में गरारे करें और जरूरी होने पर ही बाहर जाएं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से ठंड से बचाने की हिदायत दी गई है।
















