
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए ‘एकमुश्त समाधान योजना’ (OTS) के जरिए राहत का पिटारा खोल दिया है, इस बार योजना में न केवल बकायेदारों, बल्कि बिजली चोरी के मामलों (VCR) में फंसे लोगों को भी शामिल किया गया है, निर्धारित जुर्माने का एकमुश्त भुगतान करने पर उपभोक्ताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जा सकेंगे।
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जुर्माने में भारी छूट का प्रावधान
योजना के तहत बिजली चोरी में पकड़े गए उपभोक्ताओं के राजस्व निर्धारण (Revenue Assessment) पर चरणों के अनुसार छूट दी जा रही है:
- प्रथम चरण (1 से 31 दिसंबर 2025): सबसे अधिक 50% की छूट।
- द्वितीय चरण (1 से 31 जनवरी 2026): जुर्माने की राशि पर 45% की छूट।
- तृतीय चरण (1 से 28 फरवरी 2026): अंतिम अवसर के रूप में 40% की छूट।
योजना की मुख्य शर्तें और लाभ
- यदि उपभोक्ता निर्धारित छूट के बाद शेष राशि का एकमुश्त भुगतान कर देता है, तो विभाग द्वारा दर्ज की गई FIR और अन्य कानूनी कार्रवाइयां समाप्त कर दी जाएंगी।
- योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को ₹2,000 का पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा।
- चोरी के मामलों के अलावा, सामान्य बकायेदारों को भी मूल बकाये पर 25% तक की छूट और 100% सरचार्ज (ब्याज) माफी दी जा रही है।
- उपभोक्ताओं के पास एकमुश्त भुगतान के अलावा आसान किस्तों में राशि चुकाने का विकल्प भी उपलब्ध है।
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आवेदन कैसे करें?
इच्छुक उपभोक्ता बिजली विभाग की आधिकारिक वेबसाइट UPPCL.org, नजदीकी विभागीय कार्यालय (SDO/XEN), जनसेवा केंद्र या बिजली सखी के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 पर संपर्क किया जा सकता है।
बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह योजना उन लोगों के लिए अंतिम अवसर है जो भारी जुर्माने के कारण मुकदमे झेल रहे हैं योजना की अवधि समाप्त होने के बाद बकायेदारों के खिलाफ आरसी (RC) और कुर्की की कार्रवाई तेज की जाएगी।
















