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Railway Smart Rule: एक टिकट पर कई शहर घूमने का मौका! रेलवे का ये नियम 90% लोग नहीं जानते

Indian Railway का ऐसा रूल जिसे 90% लोग नहीं जानते इससे आप बिना एक्स्ट्रा किराया दिए एक टिकट में कई शहरों की सैर कर सकते हैं! जानिए कैसे मिलेगा ये अनोखा बेनिफिट।

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भारत में रेल यात्रा सिर्फ एक परिवहन माध्यम नहीं बल्कि लाखों लोगों की दिनचर्या का हिस्सा है। हर दिन करोड़ों यात्री ट्रेन से सफर करते हैं, लेकिन रेलवे की कुछ ऐसी उपयोगी सुविधाएं हैं जिनकी जानकारी अब भी बहुत कम लोगों को है। ऐसी ही एक सुविधा है सर्कुलर जर्नी टिकट, जो खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है जो एक साथ कई शहरों या धार्मिक स्थलों की यात्रा करना चाहते हैं।

Railway Smart Rule: एक टिकट पर कई शहर घूमने का मौका! रेलवे का ये नियम 90% लोग नहीं जानते
Railway Smart Rule: एक टिकट पर कई शहर घूमने का मौका! रेलवे का ये नियम 90% लोग नहीं जानते 2

क्या होता है सर्कुलर जर्नी टिकट

सर्कुलर जर्नी टिकट भारतीय रेलवे द्वारा दी जाने वाली एक विशेष टिकट सुविधा है, जिसमें यात्री की यात्रा एक सर्कल यानी गोल मार्ग में होती है। इसका मतलब है कि यात्रा की शुरुआत और अंत दोनों एक ही स्टेशन पर होते हैं। उदाहरण के लिए, अगर किसी यात्री ने दिल्ली से यात्रा शुरू की, तो वह जयपुर, उदयपुर, अहमदाबाद, पुरी, वाराणसी जैसे शहरों से होते हुए फिर दिल्ली लौट सकता है। इस दौरान उसे हर चरण के लिए नया टिकट नहीं खरीदना पड़ता।

यह टिकट उन यात्रियों के लिए बहुत फायदेमंद है जो छुट्टियों में देशभर के तीर्थ स्थलों या घूमने-फिरने की जगहों का दौरा करना चाहते हैं। इसी कारण इसे टूरिस्ट और तीर्थ यात्रियों के लिए सबसे उपयोगी टिकट माना जाता है।

क्यों खास है यह टिकट

सर्कुलर जर्नी टिकट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे आप एक ही टिकट पर आठ तक स्टेशनों की यात्रा कर सकते हैं। रेलवे यात्रियों को इस दौरान अलग-अलग ट्रेनों में सफर करने की अनुमति देता है। यानी किसी रूट पर एक्सप्रेस ट्रेन लेना चाहें या सुपरफास्ट, दोनों संभव हैं। यह सुविधा आपको सफर के बीच में ठहरने और आगे की यात्रा अपनी सुविधा के अनुसार तय करने की आजादी देती है।

कितने दिन तक रहता है वैध

यह टिकट 56 दिनों तक मान्य होता है। यानी अगर आपकी यात्रा लंबी है और आप बीच में कहीं रुकना चाहते हैं, तो भी यह टिकट काम आएगा। हर स्टेशन पर कुछ दिन ठहरकर आगे का सफर पूरा करने की पूरी आजादी इसमें होती है। यही वजह है कि यह टिकट समूह यात्राओं, धार्मिक पर्यटन या परिवार के साथ घूमने के लिए बेहतरीन विकल्प बन जाता है।

किराया और बचत का गणित

सर्कुलर जर्नी टिकट का किराया सामान्य टिकटों से अलग तरीके से तय किया जाता है। इसमें रेलवे टेलिस्कोपिक रेट सिस्टम लागू करता है, जिसके तहत दूरी बढ़ने पर प्रति किलोमीटर किराया कम होता जाता है। इसका सीधा फायदा यात्रियों को मिलता है, क्योंकि जब यात्रा में ज़्यादा स्टेशन शामिल होते हैं, तो कुल किराया घट जाता है। यह सुविधा इसे अलग-अलग टिकट खरीदने की तुलना में काफी सस्ता बनाती है।

कौन कर सकता है इसका उपयोग

यह टिकट हर वर्ग के यात्रियों के लिए उपलब्ध है — चाहे आप स्लीपर क्लास में सफर करें या फर्स्ट क्लास में। व्यक्तिगत यात्रियों के साथ-साथ समूह में यात्रा करने वाले लोग भी इसके लिए पात्र हैं। इतना ही नहीं, अगर कोई वरिष्ठ नागरिक सर्कुलर जर्नी टिकट पर कम से कम 1000 किलोमीटर की यात्रा करता है, तो उसे किराए में अतिरिक्त छूट भी मिलती है। इससे यह टिकट सीनियर सिटीज़न यात्रियों के लिए और भी फायदेमंद हो जाता है।

कैसे होती है टिकट की बुकिंग

साधारण टिकटों की तरह सर्कुलर जर्नी टिकट सीधे काउंटर या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से नहीं लिया जा सकता। इसके लिए पहले यात्री को अपनी पूरी यात्रा योजना, यानी किस स्टेशन से शुरू करना है और किन-किन स्टेशनों से होकर लौटना है, इसकी जानकारी रेलवे अधिकारी को देनी होती है। अधिकारी उस रूट के आधार पर किराए की गणना करता है और मंजूरी मिलने के बाद टिकट जारी किया जाता है। इसके बाद, हर चरण का सीट आरक्षण यात्री अपनी सुविधा के अनुसार अलग से करा सकता है।

यात्रियों के लिए फायदेमंद योजना

सर्कुलर जर्नी टिकट यात्रा को न सिर्फ आसान बनाता है बल्कि कई तरीकों से लाभदायक भी है।

  • एक ही टिकट से कई शहरों की यात्रा संभव होती है।
  • हर चरण में ट्रेन बदलने की सुविधा मिलती है।
  • लंबी दूरी की यात्राओं में किराया कम पड़ता है।
  • समय और पैसे दोनों की बचत होती है।
  • टूर, तीर्थ या पारिवारिक यात्राओं के लिए आदर्श विकल्प है।

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