
तगड़ा करियर चाहिए और कानून (Law) में रुचि है? तो कंपनी सेक्रेटरी (CS) बनना आपके लिए एक ‘पावर मूव’ हो सकता है यह सिर्फ एक जॉब नहीं, बल्कि कंपनी के बोर्डरूम तक पहुँचने का सीधा रास्ता है।
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कौन होते हैं कंपनी सेक्रेटरी?
सरल शब्दों में, CS किसी कंपनी का कानूनी रखवाला (Legal Guardian) होता है, उनका काम यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी सरकार के हर नियम और कानून का पालन कर रही है, The Institute of Company Secretaries of India (ICSI) के मुताबिक, एक CS कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और स्टेकहोल्डर्स के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रुप में कार्य करता है Economic Times के अनुसार, वे कॉर्पोरेट गवर्नेंस और कानूनी अनुपालन (Compliance) के विशेषज्ञ होते हैं।
12वीं के बाद ऐसे शुरू करें सफर
अगर आप 12वीं (किसी भी स्ट्रीम, सिवाय फाइन आर्ट्स) के बाद इस हाई-प्रोफाइल करियर में कदम रखना चाहते हैं, तो यह है आपका रोडमैप:
- सबसे पहले आपको CS Executive Entrance Test (CSEET) पास करना होगा, इसकी तैयारी आप 12वीं के तुरंत बाद शुरू कर सकते हैं, ICSI CSEET Registration पर जाकर आप इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
- एंट्रेंस क्लियर करने के बाद आप ‘एग्जीक्यूटिव’ स्तर पर पहुँचते हैं, जहाँ कंपनी लॉ और टैक्स जैसे विषयों की गहराई से पढ़ाई होती है।
- यह आखिरी और सबसे कठिन स्तर है। इसे पार करते ही आप थ्योरी में एक्सपर्ट बन जाते हैं।
- आपको 21 महीने की अनिवार्य ट्रेनिंग पूरी करनी होती है, जो आपको किताबी ज्ञान को असल कॉर्पोरेट दुनिया में इस्तेमाल करना सिखाती है।
करियर में ‘दम’ कितना है?
- अनिवार्यता: भारतीय कानून के अनुसार, जिन कंपनियों की चुकता पूंजी (Paid-up capital) एक निश्चित सीमा से अधिक है, उन्हें CS रखना ही पड़ता है।
- सैलरी: एक फ्रेशर CS की शुरुआती सैलरी ₹4 लाख से ₹6 लाख तक हो सकती है। अनुभव बढ़ने पर बड़े कॉर्पोरेट घराने ₹25 लाख से ₹50 लाख तक का पैकेज भी देते हैं, आप Glassdoor India पर लेटेस्ट सैलरी ट्रेंड्स चेक कर सकते हैं।
















