उत्तर प्रदेश में इस बार सर्दी ने ऐसा कहर बरपाया है कि पूरा राज्य ठंड की चपेट में है। घने कोहरे और तेज शीतलहर के कारण बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के कई जिलों में 10वीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को तत्काल बंद करने का आदेश जारी हो गया है। अभिभावक और छात्रों के लिए यह खबर राहत भरी है, लेकिन ठंड का यह दौर कब तक चलेगा, यह जानना जरूरी है।

Table of Contents
शीतलहर ने क्यों तोड़ा रिकॉर्ड?
इस साल दिसंबर में ठंड ने असामान्य रूप से अपनी तीव्रता बढ़ा ली है। सुबह के समय तापमान कई इलाकों में 4-5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो सामान्य से काफी कम है। घना कोहरा सड़कों पर विजिबिलिटी को शून्य के करीब ले आया, जिससे वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए खतरा बढ़ गया। खासकर स्कूली बसों और छोटे बच्चों के लिए यह स्थिति जोखिम भरी साबित हो रही थी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से यह शीतलहर और तेज हुई है, जो अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिमी जिलों तक इसका असर दिख रहा है।
जिलों में अलग-अलग आदेश, लेकिन एक ही मकसद
प्रशासन ने जिला स्तर पर त्वरित निर्णय लेते हुए स्कूल बंदी लागू की है। रायबरेली जैसे जिलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के स्कूल 26 दिसंबर तक पूरी तरह बंद रहे, जबकि उसके बाद शहीदी दिवस और वीकेंड की छुट्टियों ने राहत बढ़ा दी। महाराजगंज, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ और वाराणसी में आठवीं तक की कक्षाएं 28 दिसंबर तक स्थगित कर दी गईं। संभल में नर्सरी से 12वीं तक दो दिनों की छुट्टी घोषित हुई, वहीं बिजनौर और सीतापुर में इंटरमीडिएट तक स्कूल प्रभावित हुए। कुछ जगहों पर नौवीं और दसवीं के लिए स्कूल का समय बदलकर सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक कर दिया गया है, ताकि सुबह की कड़ाके की ठंड से बचा जा सके। ये फैसले जिला मजिस्ट्रेटों ने मौसम की स्थिति को देखते हुए लिए हैं।
छुट्टी की अवधि, कितने दिन मिलेंगे ब्रेक?
अधिकांश जिलों में यह विशेष छुट्टी 28 दिसंबर तक चलेगी, उसके बाद रविवार की छुट्टी जुड़ जाएगी। कुल मिलाकर छात्रों को चार से पांच दिनों की लगातार छुट्टी मिल रही है। इसके बाद जनवरी में नियमित विंटर वेकेशन शुरू होने की संभावना है, जो ठंड की तीव्रता पर निर्भर करेगा। अगर शीतलहर और बनी रही, तो छुट्टियों में इजाफा भी हो सकता है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये आदेश अस्थायी हैं और स्थिति सामान्य होते ही स्कूल खुलेंगे।
अभिभावकों को क्या करना चाहिए?
इस बीच अभिभावकों को जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट या स्कूलों से सीधे संपर्क करके अपडेट लेना चाहिए, क्योंकि हर जिले का आदेश थोड़ा अलग हो सकता है। घर पर बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए ऑनलाइन क्लासेस या होमवर्क पर फोकस करें। ठंड से बचाव के उपाय अपनाएं- गर्म कपड़े पहनें, भाप लें, अदरक-अजवाइन वाली चाय पिएं और धूप में समय बिताएं। ट्रैफिक नियमों का पालन करें, क्योंकि कोहरा अभी भी खतरा बने हुए है। यह समय बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का है।
यह शीतलहर न केवल शिक्षा पर असर डाल रही है, बल्कि दैनिक जीवन को भी प्रभावित कर रही है। उम्मीद है जल्द ही मौसम सुधरेगा और स्कूल सामान्य हो जाएंगे।
















