Join Youtube

किराए पर रहें या अपना घर खरीदें? सालों पुरानी बहस का मिल गया सही जवाब, ये कैलकुलेशन देख दूर हो जाएगा सारा कन्फ्यूजन

कई सालों से लोगों के मन में उठ रहे सवाल का मिल गया पक्का जवाब। रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का ताज़ा कैलकुलेशन बताता है कि कब किराया देना घाटा है और कब घर खरीदना है सबसे सही फैसला।

Published On:

घर खरीदें या किराए पर रहें? यह सवाल आज हर नौकरीपेशा व्यक्ति के दिमाग में घूम रहा है। प्रॉपर्टी महंगी हो गई तो कई लोग सोचते हैं कि किराया ही सही। लेकिन गहराई से सोचें तो घर खरीदना लंबे समय में ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। आइए सरल गणित और तर्क से समझते हैं।

किराए पर रहें या अपना घर खरीदें? सालों पुरानी बहस का मिल गया सही जवाब, ये कैलकुलेशन देख दूर हो जाएगा सारा कन्फ्यूजन
किराए पर रहें या अपना घर खरीदें? सालों पुरानी बहस का मिल गया सही जवाब, ये कैलकुलेशन देख दूर हो जाएगा सारा कन्फ्यूजन 2

किराया, बढ़ती चिंता का सबब

शहरों में किराया हर साल 8-10 फीसदी चढ़ जाता है। मान लीजिए आपने 2020 में 12 हजार का फ्लैट लिया, आज वह 22-25 हजार पहुंच चुका। मकान मालिक हाइक न मानने पर नोटिस थमा देते हैं। नोएडा, गुरुग्राम या बैंगलोर जैसे इलाकों में यह ट्रेंड आम है। 20 साल बाद किराया दोगुना-तिगुना हो जाएगा, लेकिन हाथ में कुछ नहीं बचेगा। यह पैसा सिर्फ खर्च बनता चला जाता है, कोई संपत्ति नहीं।

होम लोन

होम लोन की ईएमआई फिक्स्ड रहती है, ना बढ़ती, ना घटती। शुरू में बोझ लगे, लेकिन समय के साथ प्रिंसिपल कम होने से राहत मिलती है। ऊपर से प्रॉपर्टी वैल्यू बढ़ती जाती है। छोटे शहरों या डेवलपिंग एरिया में 50 लाख का फ्लैट 10 साल में 80 लाख-1 करोड़ का हो सकता है। नौकरी मिलते ही अपनी कमाई के हिसाब से छोटा घर लें। बाद में उसे बेचकर बड़ा ले लें। बड़ी घर की लालच में छोटा भी न छोड़ें, यही सबसे बड़ी भूल है।

सरल उदाहरण से समझें फर्क

कल्पना करें, राहुल ने 55 लाख का 2बीएचके लिया। 40 लाख लोन पर मासिक ईएमआई 38 हजार। वहीं अजय किराए पर 32 हजार दे रहा।

पहलूघर (ईएमआई)किराया
मासिक भुगतान38,000 रुपये32,000 (बढ़ोतरी सहित)
20 साल कुल91 लाख1.1 करोड़+
अंतिम मूल्य55 लाख → 1 करोड़कुछ नहीं
अतिरिक्त लाभटैक्स बचतकोई नहीं

20 साल बाद राहुल के पास एसेट है, अजय के पास सिर्फ खर्च।

Also Read- UP Bijli Bill: बिजली बिल भरने वालों की मौज! यूपी में चल रही है भारी छूट की स्कीम, फटाफट यहाँ से चेक करें अपना नया बिल

घर खरीदने के चार बड़े फायदे

  • मूल्य वृद्धि: दिल्ली-एनसीआर या मुंबई में 10 साल पुराना फ्लैट 60-80 फीसदी महंगा। जेवर एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स से नोएडा में और तेज ग्रोथ।
  • टैक्स राहत: प्रिंसिपल पर 1.5 लाख और ब्याज पर 2 लाख सालाना छूट। कुल 3.5 लाख की बचत।
  • स्थिर भुगतान: ईएमआई एक जैसी, रेंट की तरह उछाल नहीं।
  • मानसिक सुकून: अपना घर होने से परिवार को स्थायित्व मिलता, भविष्य सुरक्षित।

कब किराया चुनें?

शुरुआती करियर, बार-बार ट्रांसफर या डाउन पेमेंट की कमी हो तो किराया लें। लेकिन स्थिरता आते ही घर की ओर बढ़ें। SIP अच्छा है, लेकिन प्रॉपर्टी जैसा एसेट नहीं बनाता। आज छोटा कदम उठाएं, कल बड़ा लाभ मिलेगा। 

Leave a Comment

अन्य संबंधित खबरें

🔥 वायरल विडिओ देखें