झारखंड सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय शुरू किया है। सरकार ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना (Guruji Student Credit Card Yojana) के तहत अब शिक्षा ऋण (Education Loan) की अधिकतम सीमा को 15 लाख रुपये तक बढ़ाने का ऐलान किया है। यह फैसला उन छात्रों के लिए राहत लेकर आया है जो आर्थिक कारणों से उच्च शिक्षा पूरी नहीं कर पा रहे थे।

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शिक्षा में बदलाव की नई दिशा
सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि कोई भी योग्य छात्र सिर्फ पैसों की कमी के कारण पीछे न रह जाए। झारखंड में वर्तमान में उच्च शिक्षा में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) लगभग 17% है, जो कि देश के औसत 27.3% से काफी कम है। इसलिए राज्य ने स्पष्ट लक्ष्य रखा है, आने वाले वर्षों में इसे 30% और वर्ष 2035 तक 50% तक पहुँचाना।
सरकार को उम्मीद है कि “Guruji Student Credit Card Scheme” इस लक्ष्य को पाने में अहम भूमिका निभाएगी।
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना क्या है?
यह योजना छात्रों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है ताकि वे बिना रुकावट अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। इसके तहत विद्यार्थी देश के किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान में उच्च शिक्षा के लिए आसानी से ऋण प्राप्त कर सकते हैं।
योजना की मुख्य विशेषताएँ
- लोन राशि: अधिकतम 15 लाख रुपये तक
- ब्याज दर: केवल 4% वार्षिक (सरकारी सब्सिडी सहित)
- भुगतान अवधि: अधिकतम 15 वर्ष तक
- भुगतान प्रारंभ: कोर्स पूरा होने और नौकरी मिलने के एक वर्ष बाद से
- कवरेज: तकनीकी, पेशेवर और सामान्य सभी प्रकार के स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों के लिए लागू
कौन लाभ उठा सकता है?
- झारखंड राज्य के स्थायी निवासी छात्र
- वे छात्र जिन्होंने 10वीं या 12वीं कक्षा पास की हो
- जो छात्र भारत के किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय में दाखिला ले चुके हैं या लेने वाले हैं
अब तक की प्रगति
इस योजना के प्रति छात्रों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। अब तक 2,530 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 858 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 733 छात्रों के लिए ऋण स्वीकृत हुआ है और 129 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता वितरित भी की जा चुकी है। सरकार ने शेष 1,370 लंबित आवेदनों की प्रक्रिया को तेज़ करने के निर्देश दिए हैं ताकि हर योग्य उम्मीदवार को समय पर सहायता मिल सके।
नई पीढ़ी के लिए सुनहरा अवसर
यह योजना झारखंड में शिक्षा और रोजगार दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव छोड़ रही है। सरकार न केवल वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है, बल्कि छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है।
आने वाले वर्षों में यह पहल झारखंड की शिक्षा प्रणाली को एक मजबूत आधार देने के साथ-साथ राज्य को “Knowledge Hub” के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।
















