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इन्वर्टर की बैटरी में पानी कब बदलें? ये 1 गलती कर सकती है बैटरी को पूरी तरह खराब, जानें सही तरीका

जानिए कब बदलना चाहिए इन्वर्टर की बैटरी का पानी, कितनी मात्रा डालनी है और वो 1 गलती जो आपकी पूरी बैटरी को बर्बाद कर सकती है!

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घर में बिजली चली जाए तो सबसे पहले राहत देने वाला उपकरण होता है इन्वर्टर, लेकिन इसकी असली ताकत होती है इसकी बैटरी। अगर बैटरी की सही देखभाल नहीं की जाए, तो पावर बैकअप कम हो जाता है और बार-बार परेशानी आने लगती है। बैटरी की केयर में सबसे अहम हिस्सा है सही समय पर डिस्टिल्ड वाटर डालना।

इन्वर्टर की बैटरी में पानी कब बदलें? ये 1 गलती कर सकती है बैटरी को पूरी तरह खराब, जानें सही तरीका
इन्वर्टर की बैटरी में पानी कब बदलें? ये 1 गलती कर सकती है बैटरी को पूरी तरह खराब, जानें सही तरीका 2

क्या इन्वर्टर की बैटरी में पानी बदलना पड़ता है?

अक्सर लोग सोचते हैं कि इन्वर्टर बैटरी का पानी समय-समय पर बदलना चाहिए, लेकिन सच्चाई यह है कि इसे बदला नहीं, बल्कि केवल रिफिल किया जाता है। बैटरी में मौजूद पानी धीरे-धीरे कम होता जाता है, और उसे केवल उतना ही भरना होता है जितना स्तर गिरा हो। औसतन हर 2 से 3 महीने में वाटर लेवल चेक करना जरूरी है, जबकि ज़्यादा लोड वाले उपयोग में हर 1-2 महीने में जांच कर लें तो बेहतर रहता है।

कब समझें कि बैटरी में पानी डालने का समय आ गया है?

हर बैटरी में Minimum और Maximum लेवल इंडिकेटर बने होते हैं। जब पानी का लेवल मिनिमम निशान से नीचे जाता है, तो यह संकेत होता है कि रिफिल की जरूरत है। आप इसका पता आसानी से लगा सकते हैं – बैटरी का कैप खोलें, और टॉर्च की रोशनी से अंदर देखें। अगर पानी का स्तर नीचे दिखे, तो डिस्टिल्ड वाटर डालें, लेकिन ध्यान रखें कि पानी मैक्सिमम लेवल से ऊपर न जाए। ज्यादा पानी डालने से ओवरफ्लो हो सकता है और बैटरी प्लेट्स को नुकसान पहुंच सकता है।

पानी भरते समय ध्यान रखने योग्य बातें

इन्वर्टर बैटरी में पानी डालते समय कुछ जरूरी सावधानियां रखनी होती हैं ताकि बैटरी ज्यादा समय तक सही चली:

  • हमेशा डिस्टिल्ड वाटर (आसुत जल) का ही उपयोग करें।
  • नल का पानी या आरओ का पानी कभी न डालें क्योंकि इनमें मौजूद मिनरल्स बैटरी प्लेट्स को खराब कर सकते हैं।
  • पानी भरते समय ग्लव्स पहनें ताकि हाथों पर केमिकल का असर न हो।
  • पानी धीरे-धीरे डालें ताकि ओवरफिल न हो।
  • भरने के बाद बैटरी कैप अच्छी तरह बंद करें।
  • बैटरी को हमेशा हवादार जगह पर रखें ताकि गर्मी और गैस आसानी से निकल सके।

बैटरी की उम्र बढ़ाने के अतिरिक्त उपाय

  • हर कुछ महीने में बैटरी के टर्मिनल्स की सफाई करें ताकि जंग न लगे।
  • कनेक्शन ढीले न हों, ये नियमित रूप से चेक करें।
  • बैटरी के टर्मिनलों पर पेट्रोलियम जेली लगाना कॉरोजन से बचाव में मदद करता है।
  • लगातार पानी कम होने लगे तो बैटरी की हेल्थ चेक करवाना जरूरी है, यह संकेत है कि बैटरी पुरानी या कमजोर हो रही है।

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