पंजाब सरकार राज्य को आधुनिक शहरी ढांचे से जोड़ने के लिए तेज़ी से कदम बढ़ा रही है। अब मोहाली और न्यू चंडीगढ़ को भविष्य के विकास केंद्रों के रूप में तैयार करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। इस योजना के तहत लगभग 5100 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिस पर नए सेक्टर, टाउनशिप और औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे।

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मोहाली में नौ नए सेक्टर की योजना
मोहाली अगले कुछ वर्षों में पंजाब का सबसे बड़ा शहरी विस्तार क्षेत्र बनने जा रहा है। सरकार यहाँ नौ नए सेक्टरों का विकास करने की योजना बना रही है। इनमें वाणिज्यिक, औद्योगिक और आवासीय जोन शामिल हैं। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, क्षेत्र में सड़क, जल निकासी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का निर्माण शुरू किया जाएगा।
सबसे अहम प्रोजेक्ट “एयरोट्रोपोलिस एक्सपेंशन” होगा, जिसके तहत हवाई अड्डे के पास लगभग 3535 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जा रही है। इससे शहर के आसपास एक आधुनिक व्यावसायिक केंद्र तैयार होगा, जो रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा करेगा। इसके अलावा सेक्टर 87, 101 और 103 के विकास के लिए भी ज़मीन आरक्षित की जा चुकी है।
न्यू चंडीगढ़ में दो नई टाउनशिप का निर्माण
न्यू चंडीगढ़ पहले से ही पंजाब के सबसे योजनाबद्ध क्षेत्रों में से एक है, और अब सरकार यहाँ दो नई टाउनशिप विकसित करने जा रही है। इन परियोजनाओं में कुल 1048 एकड़ भूमि का उपयोग किया जाएगा। इनमें से 720 एकड़ भूमि “इको सिटी-3” टाउनशिप के विकास में और 328 एकड़ भूमि मेडिसिटी के पास नई टाउनशिप के निर्माण में लगेगी।
यह क्षेत्र चिकित्सा सुविधाओं, हरित खुली जगहों और उन्नत आवासीय ढांचे के लिए जाना जाएगा। सरकार की योजना है कि निर्माण कार्य शुरू होते ही सड़कों, शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य केंद्रों जैसी सुविधाएं एक साथ विकसित की जाएं ताकि इन टाउनशिप्स को आधुनिक शहरी जीवन के मॉडल के रूप में पेश किया जा सके।
भूमि अधिग्रहण नीति में किसानों की जीत
पंजाब में भूमि अधिग्रहण को लेकर सरकार ने पूर्व नीति में बड़ा संशोधन किया है। पहले की नीति में किसानों को विकसित भूखंड देने का प्रावधान था, जिससे असहमति पैदा हुई थी। अब सरकार ने पारंपरिक भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 को फिर से लागू किया है, जिसके तहत किसानों को उनकी जमीन का बाजार मूल्य पर नकद मुआवजा मिलेगा।
इसके साथ ही, उन्हें विस्थापन भत्ता और पुनर्वास लाभ भी प्रदान किए जाएंगे। यह बदलाव किसानों के लिए राहत की खबर है क्योंकि इससे उन्हें अपनी भूमि का उचित मूल्य और कानूनी सुरक्षा दोनों मिलेंगे।
पारदर्शी प्रक्रिया और सामाजिक आकलन
नई व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कई सुधार किए गए हैं। भूमि अधिग्रहण से पहले हर क्षेत्र में सामाजिक प्रभाव आकलन (Social Impact Assessment) किया गया है, ताकि यह तय किया जा सके कि परियोजनाओं का किसानों और स्थानीय समुदायों पर क्या असर पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक सुनवाई और आपत्तियाँ दर्ज कराने की पूरी प्रक्रिया भी अनिवार्य की गई है।
विकास की दिशा में बड़ा कदम
मोहाली और न्यू चंडीगढ़ में प्रस्तावित ये प्रोजेक्ट्स पंजाब की शहरी अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाई तक पहुँचा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरोट्रोपोलिस, इको सिटी और नई टाउनशिप जैसे विकास मॉडल रोजगार सृजन, औद्योगिक निवेश और आधुनिक नगरीय जीवन का नया अध्याय खोलेंगे। अगर ये प्रोजेक्ट तय समय सीमा में पूरे होते हैं, तो यह क्षेत्र उत्तर भारत के अग्रणी शहरी हब के रूप में उभर सकता है।
















